प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी मरीजों के बेहतर उपचार को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी से ग्रसित मरीजों के बेहतर उपचार, शीघ्र पहचान एवं प्रभावी प्रबंधन के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सिविल सर्जन कार्यालय तथा जिला परिषद कार्यालय स्थित सभागार में किया गया।
कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सक के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. ममता कुमारी, डॉ. हेमंत कुमार एवं डॉ. मयंक कुमार ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त मनोचिकित्सक डॉ. दीपक गिरि, डॉ. महेश हेम्ब्रम, चिकित्सा पदाधिकारी घाटशिला डॉ. भोगान हेम्ब्रम, डॉ. विकाश मार्डी, डॉ. सुकांत सिट एवं डॉ. वीआरके सिन्हा सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने मिर्गी रोग की पहचान, आपातकालीन प्रबंधन, दवा की नियमितता, दुष्प्रभावों की निगरानी तथा मरीजों एवं परिजनों में जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर सही उपचार एवं नियमित फॉलो-अप से मिर्गी को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यशाला में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बहरागोड़ा, चाकुलिया, धालभूमगढ़, डुमरिया, गोलमुरी सह जुगसलाई, मुसाबनी, पोटका, पटमदा सहित शहरी क्षेत्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्टाफ नर्स एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए।
प्रोजेक्ट उल्लास के माध्यम से जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक मिर्गी रोगियों को बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता वृद्धि की दिशा में यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

