ब्राह्मसीविकास मंच में उठा विवाद, अवैध पदाधिकारियों पर जिला प्रशासन से शिकायत की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। ब्राह्मसी विकास मंच को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। मंच के संस्थापक महासचिव राज किशोर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि कुछ लोग ब्राह्मसी विकास के नाम पर गलत तरीके से संगठन का दुरुपयोग कर रहे हैं और स्वयं को अध्यक्ष व महासचिव घोषित कर रहे हैं, जबकि उनका चयन पूरी तरह अवैध और असंवैधानिक है।
राज किशोर सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि ब्राह्मसी विकास मंच का गठन एक निश्चित संविधान और नियमावली के तहत किया गया है। संगठन में किसी भी पद पर नियुक्ति या चुनाव निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही संभव है। इसके बावजूद कुछ लोग बिना किसी वैध बैठक, चुनाव या सहमति के खुद को पदाधिकारी बता रहे हैं, जो संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने का कार्य है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व समाज को गुमराह कर रहे हैं और ब्राह्मसी समाज में भ्रम और विभाजन फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह न केवल संगठन के साथ धोखा है, बल्कि समाज के विश्वास के साथ भी खिलवाड़ है।
राज किशोर सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जल्द ही जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि ऐसे अवैध रूप से पद का दावा करने वालों पर उचित कानूनी कार्रवाई हो सके। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संगठन के नाम और बैनर का गलत इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कदम उठाया जाए।
उन्होंने ब्राह्मसी समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी भी व्यक्ति या गुट के झांसे में न आएं और केवल वास्तविक व अधिकृत पदाधिकारियों पर ही भरोसा करें। साथ ही उन्होंने कहा कि ब्राह्मसी विकास मंच का उद्देश्य समाज का सर्वांगीण विकास है और इसे किसी भी हाल में भटकने नहीं दिया जाएगा।

