टाटा पावर के ठेका मजदूरों के आर्थिक शोषण का आरोप, आंदोलन तेज होने के संकेत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर।टाटा पावर जोजोबेड़ा में कार्यरत ठेका मजदूरों के आर्थिक शोषण को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। मजदूर यूनियन का आरोप है कि जहां कंपनी में करीब 100 स्थायी कर्मचारी हैं, वहीं लगभग 600 ठेका मजदूर वर्षों से विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा, ग्रेड रिवीजन और उचित ओवरटाइम जैसी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने बताया कि इन्हीं मांगों को लेकर 15 दिसंबर 2025 को उप श्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद दो ठेका मजदूरों—पवन कुमार और संजीव प्रसाद—को कथित रूप से दमनात्मक कार्रवाई के तहत जोजोबेड़ा प्लांट से हटाकर अन्यत्र भेज दिया गया, जिससे मजदूरों में आक्रोश बढ़ गया है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों की मांगें पूरी नहीं हुईं और दोनों मजदूरों की बहाली नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप श्रमायुक्त कार्यालय ने 15 जनवरी 2026 को वार्ता तय की है। इसी बीच आज टाटा पावर गेट पर मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया।

