जमशेदपुर महानगर भाजपा जिला अध्यक्ष की घोषणा अंतिम चरण में, संजीव सिन्हा सबसे प्रबल दावेदार
पूर्वी विधानसभा की बादशाहत खतरे में, संगठन में उठे सवाल
“अगर परीक्षक ही परीक्षार्थी बन जाए, तो परिणाम की अपेक्षा बेईमानी होगी”
अमन शांडिल्य
जमशेदपुर। भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर के जिला अध्यक्ष की घोषणा अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। संगठन से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वर्तमान महानगर उपाध्यक्ष एवं सोनारी के पूर्व मंडल अध्यक्ष संजीव सिन्हा इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। संगठन की अंतिम स्वीकृति मिलने की स्थिति में वे जमशेदपुर महानगर भाजपा के अगले जिला अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं।
विगत विधानसभा चुनाव में जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में एनडीए के घटक दल के प्रत्याशी के समर्थन को लेकर गठित समन्वय समिति में संजीव सिन्हा की भूमिका काफी अहम मानी जाती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके अध्यक्ष बनने से भाजपा और जदयू के बीच आपसी तालमेल और अधिक मजबूत हो सकता है, जिसका लाभ आगामी चुनावों में संगठन को मिलने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक अब तक संगठनात्मक निर्णयों में जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र का प्रभाव अधिक रहा है, लेकिन इस बार पूर्वी क्षेत्र से एक साथ कई दावेदार सामने आने के कारण प्रदेश नेतृत्व के समक्ष असमंजस की स्थिति बन गई है। पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से पवन अग्रवाल, अमरजीत सिंह राजा, अमित अग्रवाल, राकेश सिंह, वर्तमान जिला महामंत्री संजीव सिंह और जिला उपाध्यक्ष बबुआ सिंह जैसे नेताओं के नाम चर्चा में रहे हैं। इसी वजह से इस बार पूर्वी क्षेत्र की पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है।
इसी बीच पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से आने वाले संजीव सिन्हा के पक्ष में संगठनात्मक संतुलन और राजनीतिक समीकरण अनुकूल नजर आ रहे हैं। बताया जाता है कि जमशेदपुर महानगर के संगठनात्मक चुनाव को लेकर प्रदेश नेतृत्व द्वारा नियुक्त जिला प्रभारी के सहयोग के लिए महानगर से चार नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें मिथिलेश सिंह यादव, खेलाराम बेसरा, नीरज सिंह और संजीव सिन्हा शामिल थे। इन चारों में संजीव सिन्हा का नाम ही सबसे प्रबल रूप से जिला अध्यक्ष पद के लिए सामने आ रहा है।
हालांकि संगठन के भीतर इस बात को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं कि जिन नेताओं को जिला अध्यक्ष चुनाव की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्हीं में से एक का स्वयं दावेदार बनना सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कहा जा रहा है कि “अगर परीक्षक ही परीक्षार्थी बन जाए, तो परिणाम की अपेक्षा बेईमानी होगी।”
दूसरी ओर, यदि संजीव सिन्हा जिला अध्यक्ष बनते हैं तो जमशेदपुर महानगर भाजपा का राजनीतिक समीकरण भी बदलता नजर आ सकता है। ऐसी स्थिति में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं बहरागोड़ा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी की सक्रियता बढ़ने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि आगामी लोकसभा या विधानसभा चुनाव में वे एक बार फिर अपनी दावेदारी मजबूत कर सकते हैं, क्योंकि वे पूर्व में जमशेदपुर लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी रह चुके हैं।
कुल मिलाकर, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक संकेतों और क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए संजीव सिन्हा का नाम जमशेदपुर महानगर भाजपा जिला अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को लेना है, लेकिन पार्टी को जल्द ही नया जिला अध्यक्ष मिलने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

