एक्सेल इंडिया कंपनी पर स्थानीय उपेक्षा और पर्यावरण प्रदूषण के आरोप, गेट के बाहर बैठक का ऐलान
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा।मुसाबनी प्रखंड के मुर्गाघुटू पंचायत स्थित एक्सेल इंडिया कंपनी में बाहरी लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने और स्थानीय मजदूरों को कम मजदूरी दिए जाने के आरोपों को लेकर जल्द ही कंपनी गेट के बाहर स्थानीय लोगों की बैठक बुलाई जाएगी। यह बात घाटशिला के जेएलकेएम के पूर्व प्रत्याशी रामदास मुर्मू एवं प्रखंड प्रमुख रामदेव हेंब्रम ने जादूगोड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही।
रामदास मुर्मू ने कहा कि अनुमंडल में बड़ी संख्या में शिक्षित और प्रशिक्षित बेरोजगार मौजूद हैं, जिन्हें स्किल्ड से लेकर अनस्किल्ड लेबर के रूप में काम मिल सकता है। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन नियमों को दरकिनार कर चेन्नई समेत अन्य राज्यों से मजदूर मंगा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा और वे पलायन को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने पर्यावरण को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। बताया कि गुर्रा नदी किनारे कई बड़ी फैक्ट्रियां बन रही हैं और फैक्ट्रियों से नदी तक कैनल का निर्माण किया गया है, जिससे औद्योगिक कचरा सीधे नदी में पहुंचने की आशंका है। इससे स्वर्णरेखा नदी के प्रदूषित होने और उसके पानी पर निर्भर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी।
वहीं प्रखंड प्रमुख रामदेव हेंब्रम ने आरोप लगाया कि एक्सेल इंडिया कंपनी में स्थानीय लोगों को अब तक मजदूर का दर्जा नहीं दिया गया है। वे आज भी ट्रेनी के रूप में काम कर रहे हैं और उन्हें पेमेंट स्लिप तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जो श्रम नियमों का उल्लंघन है।
आदिवासी नेताओं ने यह भी कहा कि कंपनी परिसर के सामने आदिवासियों का पूजा स्थल स्थित है, जहां बाहर से आए ड्राइवर और खलासी गंदगी फैलाते हैं। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से वहां शौचालय और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था करने की मांग की है।

