कुंडहित एसबीआई शाखा प्रबंधक विवादों के घेरे में: बिचौलियों के जरिए लोन वसूली और फर्जी सत्यापन का आरोप
निजाम खान।राष्ट्र संवाद
कुंडहित (जामताड़ा): भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की कुंडहित शाखा इन दिनों गंभीर भ्रष्टाचार और कार्यप्रणाली में अनिमितताओं को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर ने बैंक की साख पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। वायरल फोटो में कथित तौर पर शाखा प्रबंधक रवि गाड़ी, ऋणदाताओं (लेनदारों) के घर जाकर भौतिक सत्यापन करने के बजाय, बैंक के सामने कुंडहित-भेलुवा मुख्य सड़क पर ही बिचौलियों के माध्यम से फोटो खिंचवाकर कागजी खानापूर्ति करते नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर की राष्ट्र संवाद पुष्टि नहीं करता है। मामला जांच का विषय है।
भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का बोलबाला:स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुंडहित शाखा में ऋण (Loan) स्वीकृत करने के नाम पर बिचौलियों का एक सक्रिय गिरोह काम कर रहा है। आरोप है कि प्रत्येक ऋण के बदले कर्जदारों से 10,000 से 15,000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। नियमों के अनुसार, केसीसी या अन्य कृषि ऋण के लिए बैंक अधिकारी को मौके पर जाकर जमीन और परिसंपत्ति का सत्यापन करना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां “सड़क पर ही सत्यापन” की नई कार्यशैली अपनाई जा रही है।
जिम्मेदारों की चुप्पी और राजनीतिक विरोध:इस प्रकरण में शाखा प्रबंधक रवि गाड़ी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। राष्ट्र संवाद के द्वारा इस संबंध में बीएम रवि गाड़ी का पक्ष जानने के लिए बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा। अधिकारियों की यह चुप्पी आरोपों को और बल दे रही है।
इधर, टीएमसी के जिला अध्यक्ष मुस्ताक शेख ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। उन्होंने मांग की है कि बैंक प्रबंधक की कार्यशैली और भ्रष्टाचार के इन गंभीर आरोपों की उच्च स्तरीय विभागीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
जांच की दरकार:हैरानी की बात यह है कि इतनी सुर्खियां बटोरने और गंभीर आरोप लगने के बावजूद अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस जांच शुरू नहीं की गई है। ग्रामीण और किसान, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, बैंक की इस वसूली संस्कृति से त्रस्त हैं। अब देखना यह होगा कि भारतीय स्टेट बैंक के उच्च अधिकारी इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं?

