घाटशिला में तंबाकू नियंत्रण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
राष्ट्र संवाद संवाददाता
अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय, घाटशिला में मंगलवार को तंबाकू नियंत्रण एवं कोटपा अधिनियम 2003 के प्रभावी अनुपालन को लेकर अनुमंडलीय स्तरीय पदाधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम सिविल सर्जन पूर्वी सिंहभूम डॉ. साहिर पाल के निर्देशन तथा अनुमंडल पदाधिकारी सुनील चंद्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
एएसडीओ सुनील चंद्र ने अधिकारियों को अधिनियम का सौ प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रति माह कम से कम चार बार स्क्वॉड बनाकर थाना क्षेत्रों में भ्रमण कर चालान कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों में कानून के प्रति जागरूकता और अनुशासन दोनों बढ़ें। उन्होंने तंबाकू उपयोग के तीन प्रमुख प्रकारों की जानकारी देते हुए कहा कि तंबाकू इतना खतरनाक है कि गर्भस्थ शिशु तक इससे प्रभावित हो सकता है।
जिला परामर्शदाता मौसमी चटर्जी ने बताया कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का लक्ष्य 13 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों को तंबाकू की पहुंच से दूर रखना है। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बचाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।”
कार्यक्रम के सोशल वर्कर कुंदन कुमार ने कोटपा 2003 की धाराओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। धारा 5 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू बेचना या खरीदने देना दंडनीय अपराध है। स्कूलों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान का बैनर लगाना अनिवार्य है तथा 100 गज के दायरे में तंबाकू की दुकान सख्त वर्जित है।
प्रशिक्षण में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सीओ, वीडियो तथा विभिन्न थाना क्षेत्रों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

