जालौन SHO मृत्यु रहस्य : महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा गिरफ्तार, कई सवालों ने बढ़ाई जांच की रफ्तार
नरेंद्र गौतम
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जालौन में सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार राय की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में प्रमुख संदिग्ध महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना शुक्रवार देर रात की है, जब SHO अरुण राय को उनके सरकारी आवास में गोली लगने के बाद अचेत अवस्था में पाया गया था। गोली कनपटी में लगी थी और मौके पर मौजूद मीनाक्षी शर्मा ने ही पुलिस को घटना की सूचना दी थी। शुरुआत में मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन घटनाक्रम और प्रारंभिक जांच में सामने आई विसंगतियों ने पुलिस को हत्या की आशंका की दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया।
घटना के समय SHO के आवास में कैसे पहुँची मीनाक्षी?
जांच के अनुसार, मीनाक्षी उस थाने में तैनात ही नहीं थी और पिछले 11 दिनों से बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित चल रही थी। इसके बावजूद वह SHO के आवास पर मौजूद थी। पूछताछ के दौरान वह इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी कि वह देर रात SHO के सरकारी क्वार्टर में किस कारण पहुंची थी। इसके अतिरिक्त, घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज में भी उसकी गतिविधियाँ संदिग्ध दिखाई दी हैं, जिन पर पुलिस विशेष ध्यान दे रही है।
पहले भी विवादों में रही है महिला सिपाही
सूत्रों के अनुसार, मीनाक्षी शर्मा का नाम इससे पहले भी विवादों में रह चुका है। बरेली के बहेड़ी थाने में तैनाती के दौरान उसके कारण दो पुलिसकर्मियों में विवाद इतना बढ़ा था कि थाने के भीतर ही गोली चल गई थी। इस घटना के बाद उसे तत्काल प्रभाव से वहां से हटा दिया गया था। वर्तमान घटना ने उसके पुराने रिकॉर्ड को फिर से चर्चाओं में ला दिया है।
शादी होने वाली थी फरवरी में
इस पूरे प्रकरण का एक और मानवीय पहलू यह है कि मीनाक्षी शर्मा की शादी अगले वर्ष फरवरी 2026 में तय थी। उसे जेल ले जाए जाने के दौरान उसके पिता भावुक हो उठे और उन्होंने बेटी से कहा— “लाली, चिंता मत करना, जल्द छुड़ा लेंगे।” यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी विचलित कर गया।
SHO और सिपाही की नजदीकियों पर भी सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ समय से SHO अरुण राय और मीनाक्षी की नजदीकियाँ बढ़ गई थीं। पुलिस स्रोतों का कहना है कि सिपाही मीनाक्षी
बिना वर्दी के ड्यूटी पर आने लगी थी,
महंगे मोबाइल और कपड़ों का उपयोग करने लगी थी,
और थाना संचालन में अत्यधिक हस्तक्षेप करने लगी थी।
इन्हीं शिकायतों के बाद उसे डायल 112 यूनिट में भेज दिया गया था, लेकिन वह वहां भी अनियमित रूप से ही उपस्थित होती थी।
पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी, सम्मान के साथ अंतिम यात्रा
SHO अरुण राय के निधन के बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया, जिसकी पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई। शनिवार को उनका शव उनके गृह जनपद संत कबीर नगर ले जाया गया, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
जांच कई कोणों से जारी
पुलिस अभी आत्महत्या, आकस्मिक गोली चलना और हत्या—तीनों कोणों से मामले की जांच कर रही है। मीनाक्षी से लंबी पूछताछ के बावजूद कई प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट नहीं मिल सके हैं, जिसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और कॉल डिटेल्स आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी।
यह मामला अब सिर्फ एक SHO की मृत्यु का नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता से जुड़े कई गंभीर सवाल भी खड़ा कर रहा है।

