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    Home » पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने झामुमो नेताओं पर मानहानि का आरोप, FIR के बाद हाई कोर्ट और हरिजन उत्पीड़न केस करने की चेतावनी
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    पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने झामुमो नेताओं पर मानहानि का आरोप, FIR के बाद हाई कोर्ट और हरिजन उत्पीड़न केस करने की चेतावनी

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarDecember 8, 2025No Comments2 Mins Read
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    पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने झामुमो नेताओं पर मानहानि का आरोप, FIR के बाद हाई कोर्ट और हरिजन उत्पीड़न केस करने की चेतावनी

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर के जुगसलाई विधानसभा से तीन बार विधायक और झारखंड सरकार में दो बार मंत्री रहे पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने झामुमो नेता मोहन कर्मकार और प्रमोद लाल के खिलाफ मानहानि करने की बात कही है. सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुलाल भुईयां ने दोनों नेताओं को खूब खरी- खोटी सुनाई और दलित का अपमान करने का आरोप लगाया. दरअसल दुलाल भुइयां के खिलाफ दोनों नेताओं ने सीतारामडेरा थाने में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराया है. साथ ही उनपर इलाके में अवैध जुआ, हब्बा- डब्बा और वेश्यावृत्ति कराने का भी आरोप लगया है. पूर्व मंत्री ने दोनों नेताओं से इसे साबित करने की चुनौती दी है. उन्होंने घटशिला के पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा और JLKM नेत्री बेबी महतो द्वारा सीएम को लेकर किए गए टिप्पणियों का हवाला देते हुए दोनों नेताओं से पूछा कि जब उन नेताओं द्वारा सीएम के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां किए गए तब उनका मुंह क्यों बंद था. पूर्व मंत्री दुलाल भैया ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट में मानहानि और बिरसानगर थाना में हरिजन उत्पीड़न का केस दर्ज करने जा रहे हैं. दरअसल इस विवाद का मुख्य कारण जमशेदपुर जिला प्रशासन द्वारा पिछले दिनों भुईयां डीह में तोड़े गए अवैध मकानों एवं दुकानों से शुरू हुआ है. पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तुलना शैतान सोरेन से की थी. हालांकि अब पूर्व मंत्री अपने बयानों से मुकर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने ऐसा कुछ नहीं कहा था. हमने सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की तुलना शैतान से की है.

    FIR के बाद हाई कोर्ट और हरिजन उत्पीड़न केस करने की चेतावनी पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने झामुमो नेताओं पर मानहानि का आरोप
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    10 साल बाद भी नहीं मिला पानी, रामनगर लकड़िया बागानबस्ती के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी

    10 साल बाद भी नहीं मिला पानी, रामनगर लकड़िया बागानबस्ती के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी जमशेदपुर के बागबेड़ा से सटे रामनगर बस्ती के सैकड़ों परिवारों ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत अब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2016 में पंचायत के तत्कालीन मुखिया द्वारा प्रत्येक घर से 450 रुपये लेकर पानी कनेक्शन के लिए रसीद दी गई थी, लेकिन 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो इलाके में पाइपलाइन बिछाई गई और न ही किसी घर तक जलापूर्ति की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी और निजी बोरिंग से पानी निकलना बंद हो गया है, जिसके कारण लोगों को 30 से 40 रुपये प्रति बोतल पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रामनगर बस्ती के निचले हिस्से में जल्द पाइपलाइन बिछाकर घर-घर पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी।

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