बोकारो पुलिस ने अंतर-प्रांतीय झपटमार गिरोह के तीन सदस्य पकड़े
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बोकारो पुलिस के हतथे एक ऐसा गिरोह चढ़ा है, जो उड़ीसा से आता था झारखंड और बिहार में झपटा मारता था और फिर हाथ आए माल को लेकर उड़न छू हो जाता था। आम लोगों के लिए खौफ तथा पुलिस के लिए सर दर्द इस अंतर प्रांतीय गिरोह के तीन सदस्य पकड़ में आए झपट्टा मार कर लूटे गए माल में से कुछ को जप्त किया कई मोबाइल और अन्य सामानों को बरामद किया।
इस कांड में अलग-अलग नंबर प्लेट लगाकर इस्तेमाल किए जाने वाले चोरी की दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की और पुलिस ने काफी हद तक अपने सिर दर्द को हल्का किया। यह सफलता एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान बोकारो पुलिस को गांधीनगर थाना क्षेत्र में मिली और इसी के साथ अपराधियों के अपराधी के इतिहास की एक लंबी स्थिति पुलिस को बरामद करने में कामयाबी मिली है। गिरोह के पकड़े गए तीनों सदस्य उड़ीसा के जाजपुर के रहने वाले हैं। यह अपराध करने की नीयत से अंतर प्रांतीय शैर पर निकलता था।
झारखंड और बिहार के कई जिलों में इसने अपने आतंक मचा रखे थे। बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह की मांने तो अपराधियों का यह दल घूम कर पहले किराए पर मकान लेता था फिर अपनी शिकार को टटोलता था और अपने लिए काम को आसान समझकर अचानक से धमकता था झपटा मारता था और फिर जब तक लोग समझ पाए तब तक चोरी की मोटरसाइकिल से रफू चक्कर हो जाता था। पुलिस को अब तक जो जानकारी मिली है उसके हिसाब से इसकी जड़ आंध्र प्रदेश उड़ीसा झारखंड और बिहार में फैली हुई थी। पुलिस के लिए परेशानी का और आम लोगों के लिए भय का कारण बना यह गिरोह पकड़ में आया तो कई तरह की बातें उजागर हुई और पुलिस की बांछें खिल गई हैं।
बोकारो के पुलिस कप्तान ने बताया कि एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान तथा अपराधी और अपराधियों के खिलाफ बनाए गए एसटीएफ जिसका नेतृत्व धर्म के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बीएन सिंह कर रहे थे के प्रयास से यह गिरोह पकड़ में आया और पुलिस को कि सफलता से कुछ इतिमिनान मिल गया। भी सफलता को पुलिस एक बड़ी कामयाबी के रूप में मानती है और यह उम्मीद करती है कि इनकी गिरफ्तारी से न केवल कई कांडों का उद्वेदन हुआ है बल्कि भविष्य की उनकी योजना पर भी पानी फिरा है।

