हम वस्तु ही नहीं, व्यक्तित्व का भी निर्माण करें – अर्जुन मुंडा
पूर्वी सिंहभूम को बाल मित्र जिला बनाने के प्रस्ताव को अर्जुन मुंडा का समर्थन
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में आयोजित चतुर्थ बाल मेला 2025 का समापन पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वी सिंहभूम को बाल मित्र जिला बनाने के सरयू राय के प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए संवेदनशील परिवेश आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बाल मेला सकारात्मक सामाजिक वातावरण तैयार करता है और बच्चों में आत्मीयता, संस्कार व रचनात्मकता को बढ़ावा देता है।

7 दिन चले मेले में 10,000 से अधिक बच्चों ने भाग लिया तथा 18 प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। वित्तमंत्री ने मेले का उद्घाटन और पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने समापन किया। मेला संरक्षक व जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बताया कि मेले में 42 स्टॉल लगे और कूड़ा चुनने वाले बच्चों सहित वंचित वर्ग के बच्चों को भी शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि अगला, पांचवां बाल मेला इससे भी अधिक भव्य होगा।
समारोह में निर्णायक मंडल, प्रतिभागियों तथा अतिथियों को सम्मानित किया गया। बाल वैज्ञानिक प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम भी घोषित किए गए।
जमशेदपुर घोषणा पत्र जारी
विश्व बाल दिवस के अवसर पर बाल मेला आयोजन समिति ने “जमशेदपुर घोषणा पत्र” जारी कर पूर्वी सिंहभूम को पूर्णतः बाल मित्र जिला बनाने हेतु संकल्प व्यक्त किया। इसमें प्रमुख मानक तय किए गए—
जिले में कोई बच्चा बाल श्रम में न रहे
14 वर्ष से कम आयु का कोई बच्चा स्कूल से बाहर न हो
बाल विवाह पर सख्त रोक
बच्चों का मानसिक-सामाजिक शोषण न हो
कोई बच्चा बेघर या उपेक्षित न रहे
घोषणा पत्र में शिक्षा से जोड़ने, कौशल विकास, परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने, ग्राम–पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माण और बाल सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की अनुशंसा की गई है। साथ ही, बाल मित्र जिला टास्क फोर्स गठित करने की मांग की गई है।
आयोजन समिति (स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट एवं नेचर फाउंडेशन) ने अपील की कि पूर्वी सिंहभूम को झारखंड का पहला मॉडल बाल मित्र जिला बनाया जाए।

