डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान में गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती प्रकाश पर्व पर श्रद्धा और उत्साह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। सिखों के प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी महाराज की 556वीं जयंती (प्रकाश पर्व) डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान के पावन परिसर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के प्रधान सचिव डॉ. हरिबल्लभ सिंह आरसी ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु नानक देव जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन से हुई। इस अवसर पर डॉ. हरिबल्लभ सिंह आरसी ने गुरु नानक देव जी के जीवन, त्याग और सेवा के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी ने मानवता, भाईचारे और सत्य के मार्ग का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सिख धर्म हिंदुत्व का विरोधी नहीं, बल्कि उसके मूल में एकता और ईश्वर भक्ति का भाव निहित है।
संस्थान के सचिव एवं आरका जैन विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. अंगद तिवारी ने गुरु नानक देव जी की जयंती को भारत का एक महान आध्यात्मिक पर्व बताया। उन्होंने कहा कि “सबमें एक ही ईश्वर व्याप्त है, इसलिए सभी मानव एक हैं।”
इस अवसर पर संस्थान के कोषाध्यक्ष श्री डी.एन. सिंह, पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. श्यामलाल पांडेय, विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती पूर्णिमा त्रिपाठी, उप-प्राचार्या डॉ. रंजना कुमारी, संयोजिका डॉ. बबिता तिवारी सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” के जयघोष के साथ हुआ।

