कोलकाता में संपन्न हुई दक्षिण पूर्व रेलवे की 105वीं क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक, सांसद बिद्युत बरण महतो ने उठाए 50 से अधिक मुद्दे
टाटानगर स्टेशन पार्किंग में दुर्व्यवहार पर सख्त सांसद
राष्ट्र संवाद संवाददाता
कोलकाता स्थित ताज बंगाल होटल में दक्षिण पूर्व रेलवे की 105वीं क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सांसद बिद्युत बरण महतो ने चक्रधरपुर एवं खड़गपुर रेल मंडलों से जुड़े लगभग 50 मुद्दे उठाए। रेल प्रबंधन ने प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
सांसद महतो ने विशेष रूप से भुवनेश्वर–नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस का फेरा बढ़ाने, टाटानगर से जयपुर एवं बेंगलुरु के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू करने, टाटा–कटिहार एक्सप्रेस की रफ्तार बढ़ाकर इसे रक्सौल तक विस्तार देने, शालीमार–गोरखपुर ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन चलाने, टाटा–रांची इंटरसिटी को डाल्टनगंज तक बढ़ाने, टाटा–गोड्डा साप्ताहिक एक्सप्रेस का फेरा बढ़ाकर घाटशिला तक विस्तार करने की मांग रखी। साथ ही कोरोना काल में बंद कालीमाटी, बिरसा मुंडा और अंत्योदय एक्सप्रेस को पुनः शुरू करने की अपील की।
उन्होंने धालभूमगढ़ स्टेशन पर फूट ओवर ब्रिज निर्माण, दुर्ग–आरा ट्रेन का विस्तार बक्सर तक करने, तथा परसुडीह, बारीगोड़ा और गोविंदपुर में रेल ओवर ब्रिज निर्माण में तेजी लाने की भी मांग की। इस पर रेल अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की कुछ आपत्तियों के चलते स्वरूप में परिवर्तन किया जा रहा है, जिसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
सांसद महतो ने आदित्यपुर की तर्ज पर गोविंदपुर स्टेशन के विकास, टाटानगर सेकंड एंट्री गेट पर ड्रॉपिंग लाइन की व्यवस्था, स्टेशन पार्किंग में यात्रियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की रोकथाम और एटीएम सुविधा बहाल करने की मांग भी रखी। इसके अलावा, टाटा–तमाड़–बुंडू–रांची रेल परियोजना की अद्यतन स्थिति पर रिपोर्ट पेश करने को कहा।
टाटानगर स्टेशन पार्किंग में दुर्व्यवहार पर सख्त सांसद
सांसद बिद्युत बरण महतो ने बैठक के दौरान कहा कि टाटानगर रेलवे स्टेशन की मुख्य पार्किंग में यात्रियों के साथ आए दिन दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने रेल प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर इस पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक और वरीय अधिकारियों ने सांसद द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर समुचित व समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा जो विषय क्षेत्राधिकार से बाहर हैं, उन्हें शीघ्र रेलवे बोर्ड को भेजने की बात कही।

