मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव के ऐलान से पहले और 21 लाख महिलाओं को रोजगार के लिए 10000 एडवांस भेजा।
राष्ट्र संवाद उप ब्यूरो अशोक कुमार ठाकुर
बिहार चुनाव की तारीखों के ऐलान और आचार संहिता लगने से पहले नीतीश कुमार ने 6 अक्टूबर सोमवार को 21 लाख और महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के 10 हजार रुपये एडवांस भेज दिए। तीन चरण में 1.21 करोड़ औरतों को इसका लाभ प्राप्त हुआ है।
चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता लगने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ताबड़तोड़ काम में जुटे हें। उन्होंने पटना मेट्रो के एक रूट पर तीन स्टेशनों के बीच सेवा का उद्घाटन कर दिया और 21 लाख और औरतों को सीएम महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपये का एडवांस भेज दिया है। इस योजना में अब तक कुल 1.21 करोड़ महिलाओं को रोजगार के लिए पहली किस्त की राशि भेजी गई है। महिलाओं को 6 महीने बाद रोजगार का आकलन करते हुए 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
नीतीश कुमार की सरकार ने चुनाव से पहले अलग-अलग वर्ग और समूह के लिए नकद लाभ देने और बढ़ाने की भरपूर घोषणा की है। चाहें पेंशन हो या बेरोजगारी भत्ता, सरकार ने पिछले दो-तीन महीनों में विपक्ष के उठाए ज्यादातर मुद्दों और चुनावी वादों को कवर करने की कोशिश की है। 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली भी उसमें शामिल है। सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल के आधार पर बिहारी मूल के लोगों के लिए आरक्षित सीटों का दायरा भी बढ़ाया जा चुका है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं का जीविका दीदी समूह से जुड़ना अनिवार्य है। रोजगार शुरू करने के लिए जिन 1.21 महिलाओं को एडवांस मिला है, अगर छह महीने बाद रोजगार के आकलन के बाद सबको 2-2 लाख रुपये की सहायता देनी पड़े तो सरकार को इसके लिए 2.42 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। बिहार के 2025-26 के बजट 3.16 लाख करोड़ को देखें तो यह रकम बहुत बड़ी जान पड़ती है।

