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    Home » करम पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर : काले 
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    करम पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर : काले 

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarSeptember 7, 2025Updated:September 7, 2025No Comments2 Mins Read
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    करम पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर : काले

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर : बिरसानगर जोन नं. 6 में आदिवासी उरांव समाज समिति के तत्वावधान में भव्य रूप से करम पर्व महोत्सव सह वार्षिक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

    कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को सम्मानित करते हुए श्री काले ने युवाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि करम पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर है, जो भाई-बहन के स्नेह, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक एकजुटता का संदेश देता है।

    उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं एवं संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। साथ ही समाज के युवाओं को शिक्षा, खेलकूद और सामाजिक सहयोग की दिशा में प्रेरित करते हैं।

    आयोजन को सफल बनाने में पाहन महावीर कुजूर, राकेश उरांव, रामू तिर्की, अनूप टोप्पो, बुधराम खालको, गणेश कुजूर, कार्तिक उरांव, डॉ. विनु पाहन, बिरसा तिर्की, सावन लकड़ा, बबलू खालको, किशोर लकड़ा, सोना कोया, राजेश तिर्की, संतोष लकड़ा, प्रकाश कोया सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ करम पूजा में शामिल हुए।

    करम पर्व आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर : काले
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