जामताड़ा में सड़क दुर्घटना मुआवजा पर जिला स्तरीय कार्यशाला, एक महीने में चार्जशीट दायर करने पर जोर
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा | जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) और जिला प्रशासन, जामताड़ा के संयुक्त तत्वावधान में एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए राधा कृष्ण, उपायुक्त रवि आनंद, पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नितीश नीलेश सांगा, जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनोज सिंह, सचिव अरविंद सरकार और डीएलएसए के सचिव पवन कुमार द्वारा किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण ने कहा कि देश में हर आठवीं मौत सड़क दुर्घटना से होती है, जिनमें 70% पीड़ित 19 से 40 वर्ष के युवा होते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटना मामलों में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि पुलिस एक महीने में जांच पूरी कर चार्जशीट दायर करने लगे, तो जामताड़ा देश का पहला जिला बन जाएगा जहां मुआवजा प्रक्रिया सबसे तेज होगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों से डीएलएसए पीएलवी के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता लेने की अपील की।
उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि एमएसीटी केवल न्यायिक मंच नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में पुलिस, परिवहन विभाग और डीएलएसए के सामूहिक प्रयासों से दुर्घटना सूचना प्रतिवेदन दाखिल करने में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता ने निर्देश दिया कि दुर्घटना की स्थिति में तुरंत एफआईआर दर्ज हो और सभी साक्ष्य एकत्र कर एक महीने में जांच पूरी कर चार्जशीट फाइल की जाए। इसके लिए प्रत्येक थाना में एसआई रैंक के पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात कही।
कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारी, अधिवक्ता, इंश्योरेंस कंपनी प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

