यूसिल टीए/डीए घोटाले में गवाही जारी, आरोपित का भाई सीएमडी का पर्सनल असिस्टेंट, पारदर्शिता पर सवाल तेज
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
जादूगोड़ा : यूसिल (UCIL) में उजागर हुए बहुचर्चित टीए/डीए घोटाले की जाँच और अदालती कार्यवाही नए मोड़ पर पहुँच गई है। सीबीआई, एसीबी रांची द्वारा 11 दिसंबर 2019 को RC0242019A0009 के तहत दर्ज इस मामले में यूसिल के एकाउंट्स विभाग के कर्मचारी गोपीनाथ दास समेत कई लोगों पर आरोप है कि उन्होंने कपटपूर्ण तरीके से टीए/डीए और ओवरटाइम बिल तैयार कर कंपनी को लाखों रुपये का चूना लगाया। यह मामला वर्तमान में विशेष सीबीआई अदालत में लंबित है, जहाँ 30 से 40 गवाहों की गवाही प्रक्रिया जारी है।

आरोपित का भाई सीएमडी का पर्सनल असिस्टेंट
मामले में नया विवाद यह है कि प्रमुख आरोपित गोपीनाथ दास के भाई सुरोजित दास वर्तमान में यूसिल सीएमडी के पर्सनल असिस्टेंट पद पर कार्यरत हैं। गवाहों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इतने संवेदनशील पद पर आरोपी के रिश्तेदार का बने रहना गवाहों की स्वतंत्र गवाही और जाँच की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

संगठनों ने जताई गवाहों पर दबाव की आशंका
हाल ही में झारखंड क्रांतिकारी लोकतांत्रिक मोर्चा के कोल्हान मंडल प्रभारी राजा कालिंदी और आरटीआई कार्यकर्ता सुनील मुर्मू ने यूसिल प्रबंधन से मांग की है कि जाँच पूरी होने तक सुरोजित दास को सीएमडी के पर्सनल असिस्टेंट पद से हटाकर अन्य विभाग में समायोजित किया जाए। संगठनों का कहना है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो गवाह असुरक्षित महसूस कर सकते हैं और सही गवाही देने में हिचक सकते हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

यूसिल प्रबंधन की चुप्पी
फिलहाल यूसिल प्रबंधन ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, कर्मचारियों, गवाहों और सामाजिक संगठनों के बीच चर्चा तेज है कि न्याय सुनिश्चित करने और कंपनी की छवि बचाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।

समाचार लिखे जाने तक यूसिल प्रबंधन और सीएमडी से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है तो राष्ट्र संवाद उसे भी प्रमुखता से छपेगा

