जलेस अध्यक्ष पद पर अशोक शुभदर्शी का पुनः निर्वाचन, साहित्यिक जगत से मिली शुभकामनाएं
मुकेश रंजन
राष्ट्र संवाद साहित्य संवाददाता
जमशेदपुर :जनवादी लेखक संघ (जलेस) की पूर्वी सिंहभूम जिला इकाई के लिए अशोक शुभदर्शी एक बार फिर से अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उनके पुनः निर्वाचन पर साहित्यिक जगत और संगठन के सदस्यों की ओर से अशेष शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

2017 के उत्तरार्द्ध में तत्कालीन अध्यक्ष नंद कुमार उन्मन के असामयिक निधन के बाद जलेस में नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया था। उस कठिन समय में अशोक शुभदर्शी ने अपने कंधों पर संगठन की जिम्मेदारी उठाई और इसे सजाया, संवारा और संभाला।
हालांकि, उनके सामने राह आसान नहीं थी। संगठन के भीतर कड़े प्रतिरोध का भी सामना करना पड़ा। नंद कुमार उन्मन की तरह वे अजातशत्रु व्यक्तित्व नहीं थे, लेकिन उनकी निष्ठा और ईमानदारी पर कभी सवाल नहीं उठे। उन्होंने सधे हुए कदमों के साथ जलेस को मजबूती प्रदान की और संगठन को पश्चिम सिंहभूम इकाई की तरह विखंडन से बचाया।

अशोक शुभदर्शी केवल एक संगठनकर्ता ही नहीं, बल्कि काव्य जगत के एक प्रतिष्ठित हस्ताक्षर भी हैं। उनकी कविताओं के मुरीद देशभर में हैं। साहित्यिक बिरादरी में उन्हें नरेश अग्रवाल और नरेश महापात्र जैसे कवियों के साथ हमारी साहित्यिक धरोहर माना जाता है।
जलेस अध्यक्ष पद पर उनके पुनः निर्वाचन के बाद साहित्यिक जगत में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। संगठन के सदस्यों का मानना है कि अशोक शुभदर्शी के नेतृत्व में जलेस नई ऊंचाइयों को छुएगा।

