गुरु पूर्णिमा पर आध्यात्म और योग से ओतप्रोत आयोजन, 200 से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
देवघर: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विराट शिव गुरु महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आध्यात्म और योग की दिव्य धारा प्रवाहित हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि योग एवं आध्यात्मिक गुरु राकेश कुमार रोशन ने “शिव ही गुरु हैं” विषय पर गहन प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही वह ज्योति हैं जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। गुरु जीवन के पथ-प्रदर्शक होते हैं जो हमारे कर्म, संस्कार और आत्मा को जागृत कर दिव्य स्वरूप की ओर अग्रसर करते हैं। सुबह 7 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम दोपहर 1 बजे तक चला, जिसमें लगभग 200 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। देवघर से विशेष रूप से पधारी बसंती बहन ने भी “शिव गुरु” को जीवन में स्वीकारने के लाभ और गुरु तत्व पर प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा, “गुरु वह शक्ति हैं जो हमें हमारे भीतर के सद्गुरु से जोड़ते हैं। बाहरी गुरु केवल उस स्विच को चालू करने में मदद करते हैं, जिससे आत्मज्ञान का दीप प्रज्वलित होता है।” गुरु के स्वरूप और उनकी आवश्यकता पर बात करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सच्चे गुरु वही होते हैं जिन्हें खुद यह ज्ञात नहीं होता कि भविष्य में उनकी क्या भूमिका होगी, परंतु ब्रह्मांडीय शक्तियां उन्हें उस मार्ग पर भेज देती हैं जहां से लौटना असंभव होता है। ऐसे गुरु हमारे प्रेरक और चैतन्य के वाहक बनते हैं। सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु-शिष्य परंपरा को आत्मसात करते हुए इस आयोजन को जीवन में आध्यात्मिक जागरण का पल बताया।

