जिला प्रशासन पंचायत स्तर पर कराए सर्वेक्षण, जिनके भी घर गिरने की स्थिति में उन्हें सुरक्षित जगह पर कराए शिफ्ट:सुमित शरण
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जन-जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है!जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड क्षेत्र के कास्ता पंचायत अंतर्गत कालीपाथर गांव निवासी शिवधन हेमब्रम का घर गिर गया,जिससे उसके ढाई साल का बेटा मनीष कुमार हेम्ब्रम का मौक़े पर ही निधन हो गया तथा पत्नी पीतल किस्कू एवं माता मुकोदी हेमब्रम घायल हो गई थी। जिसे स्थानीय ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार के लिए नाला अस्पताल भेजा गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए आसनसोल भेज दिया गया।जहाँ इलाज के दौरान उनकी माता का भी निधन हो गया! घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण,भाजयुमो जिलाध्यक्ष कुणाल सिंह,पूर्व मंडल अध्यक्ष जितेन राउत तथा मिडिया प्रभारी प्रदीप राउत के साथ उनके आवास पहुँचे!
भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण नें कहा कि कुछ देर पहले बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सुचना मिली, नाला प्रखंड के कालीपाथर गांव में अपने कार्यकर्ता शिवधन हेमब्रम का घर मूसलाधार बारिश के कारण गिर गया, जिसमें उनके एक ढाई साल मासूम बच्चे की जान चली गई तथा उनके पत्नी एवं माता गंभीर रूप से घायल हो गई है!सुमित ने कहा एम्बुलेंस न मिलने के कारण ग्रामीणो द्वारा किसी तरह घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से उनके बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के आसनसोल भेज दिया गया!जहां इलाज के दौरान उनके माता जी का भी निधन हो गया! इस दुख के घड़ी में भारतीय जनता पार्टी के हर एक कार्यकर्ता इनके साथ है!सुमित शरण ने कहा इतनी बड़ी घटना के बाद भी वहां से एंबुलेंस से संपर्क होने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आने पर घायलों को निजी बाहनो के द्वारा ही अस्पताल पहुंचाया गया। वही इस घटना की जानकारी मेरे द्वारा उपायुक्त, एसडीओ,नाला डीएसपी, सहित अन्य अधिकारियों को सुचना दिया गया!तभी नाला सीओ एवं थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ पहुँचे!सीओ से बात हुई और मुआवजे की मांग भी किया जिसका उन्होंने गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लिया और हर संभव सहायता एवं मुआवजा मुहैया कराने की बात उन्होंने कहा!! साथ ही प्रशासन से जिलाध्यक्ष नें मांग किया कि मूसलाधार बारिश जामताड़ा में हो रही है तो जिले के पंचायत स्तर का सर्वेक्षण कराया जाए कि इस मूसलाधार बारिश में किनके किनके घर इतने क्षतिग्रस्त हो गए हैं कि उनका घर गिरने का डर है और ऐसे घरों को चिन्हित करके लोगों को उस जगह से निकालकर किसी अच्छे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए!

