शायद मंत्री इरफान अंसारी की सोचने की शक्ति और इतिहास का ज्ञान छिन हो गया है:सुमित शरण
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा: झारखंड प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी का यह बयान कि हूल आंदोलन के समय भाजपा और संघ के लोग अंग्रेजों के साथ थे,पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने कहा कि काम के दबाव से शायद मंत्री इरफान अंसारी की सोचने की शक्ति और इतिहास का ज्ञान छिन हो गया है।
हूल की क्रांति 1855 में हुई जबकि संघ की स्थापना 1925 और भाजपा की स्थापना 1980 में हुई ऐसे में ऐसे बचकाना आरोप बहुत ही हास्यास्पद है।इरफान अंसारी जी को स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान देना चाहिए, पर हर मामले में उन्हें भाजपा ही नजर आती है क्योंकि वैसे बयानों को देकर लोगों का ध्यान मूल विषयों से भटकाना चाहते हैं।
जब राज्य के लोग अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव के बारे में सवाल करते हैं,जब जामताड़ा के लोग बिजली की कमी की बात करते है तो इरफान अंसारी का जवाब भाजपा और संघ के बारे में होता है।
जनता सब समझती है इसीलिए बीजेपी फोबिया से इरफान अंसारी बाहर निकलकर जनता के हित में काम करें तो झारखंड के लिए भी और इरफान अंसारी के लिए भी बेहतर होगा।

