Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » भारत-अमेरिका के बीच वार्ता में मानवाधिकारों के मुद्दों पर नहीं होगी चर्चा
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति राष्ट्रीय

    भारत-अमेरिका के बीच वार्ता में मानवाधिकारों के मुद्दों पर नहीं होगी चर्चा

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 12, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    वाशिंगटन: अमेरिका की एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि अगले सप्ताह भारत और अमेरिका के बीच होने वाली 2+2 वार्ता में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाएगी लेकिन कश्मीर से संबंधित मुद्दों पर बात होगी. दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी. वेल्स ने पूर्व राष्ट्रपति ड्वाइट डेविड आइजनहावर की भारत की ऐतिहासिक यात्रा की 60वीं वर्षगांठ पर बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि अगले सप्ताह हो रही 2+2 वार्ता में मानवाधिकारों पर चर्चा नहीं की जाएगी. हालांकि मुझे भरोसा है कि कश्मीर के मुद्दे और भारत के समक्ष पेश आ रहे खतरे निश्चित तौर पर एजेंडे का हिस्सा होंगे.विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अमेरिका के अपने समकक्षों विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर के साथ 18 दिसंबर को दूसरे दौर की 2+2 वार्ता करने के लिए अगले सप्ताह यहां आएंगे. 2+2 भारत-अमेरिका वार्ता पहली बार पिछले साल सितंबर में नयी दिल्ली में हुई थी.वेल्स ने कहा कि कश्मीर की स्थिति पर अमेरिका करीबी नजर रख रहा है और वह भारत सरकार से उम्मीद करता है कि वह हिरासत में लिए लोगों को रिहा करने तथा राजनीतिक एवं आर्थिक हालात सामान्य बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाएगी जिससे स्थानीय तनाव कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि सीमा पार सक्रिय आतंकवादी समूहों के कारण भारत को गंभीर सुरक्षा स्थिति का सामना करना पड़ता है लेकिन कश्मीरी लोग भारतीय संविधान के तहत पूर्ण अधिकारों के हकदार हैं और संविधान में सभी भारतीयों की धार्मिक आजादी के लिए सम्मान का प्रावधान है.गौरतलब है कि भारत सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाकर उसे एक केंद्र शासित प्रेदश बनाने की घोषणा की थी. पाकिस्तान ने इस पर कड़ा विरोध जाहिर करते हुए, द्विपक्षीय संबंधों को कमतर कर भारतीय दूत को निष्कासित कर दिया था. वहीं भारत लगातार यह कहता रहा है कि यह स्पष्ट रूप से उसका आंतरिक मामला है. वेल्स ने साथ ही कहा कि अमेरिकी संसद कश्मीर और विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लेकर चिंतित है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleसरकार की ऐतिहासिक जीत
    Next Article नाइजर में आतंकवादी हमले में मारे गए 70 जवान

    Related Posts

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    June 22, 2026

    भालूबासा के विस्थापित दुकानदारों को फिर जगी उम्मीद, दुकान आवंटन प्रक्रिया में आई तेजी

    June 22, 2026

    जदयू ने पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता की जांच की उठाई मांग, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    June 22, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    भालूबासा के विस्थापित दुकानदारों को फिर जगी उम्मीद, दुकान आवंटन प्रक्रिया में आई तेजी

    जदयू ने पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता की जांच की उठाई मांग, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    मानगो शहरी जलापूर्ति योजना फेज-2, पार्ट-B अंतर्गत एनएच-33 के रॉव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू, मेयर सुधा गुप्ता ने किया निरीक्षण

    फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का आरोप, कैफे संचालक पुलिस के हवाले

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: राष्ट्रीय बहस तेज़

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    राम मंदिर के चढ़ावे पर चुप्पी क्यों? जवाबदेही का सवाल

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फुटपाथ पर मौलिक अधिकार और अतिक्रमण की हकीकत

    The Bharat Tiwari Encounter: A National Debate on Justice, Accountability, and Public Trust

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.