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    Home » विदेशी न्यायाधिकरण में कोच राजबंशी समुदाय के खिलाफ लंबित सभी मामले वापस लेगी असम सरकार
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    विदेशी न्यायाधिकरण में कोच राजबंशी समुदाय के खिलाफ लंबित सभी मामले वापस लेगी असम सरकार

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 4, 2025No Comments2 Mins Read
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    विदेशी न्यायाधिकरण में कोच राजबंशी समुदाय के खिलाफ लंबित सभी मामले वापस लेगी असम सरकार

     

    असम मंत्रिमंडल ने विदेशी न्यायाधिकरण में कोच राजबंशी समुदाय के लोगों के खिलाफ लंबित सभी मामलों को वापस लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि अब उन पर ‘डी’ यानी संदिग्ध मतदाता का टैग भी नहीं रहेगा। कैबिनेट बैठक के बाद यहां एक संवाददाता सम्मेलन में शर्मा ने कहा, “राज्य में विभिन्न विदेशी न्यायाधिकरणों में समुदाय के लोगों के खिलाफ 28,000 मामले लंबित हैं। कैबिनेट ने तत्काल प्रभाव से मामलों को हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।”

    उन्होंने कहा कि सरकार का मानना ​​है कि कोच राजबंशी राज्य के मूल निवासी हैं और वे ‘हमारे सामाजिक व सांस्कृतिक ताने-बाने’ का अभिन्न हिस्सा हैं।

    उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोग गरीब हैं और पिछले कई वर्षों से काफी कष्ट झेल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “अब उन पर विदेशी या ‘डी’ वोटर का टैग नहीं रहेगा।”

    विदेशी न्यायाधिकरण विशेष रूप से असम में अर्ध-न्यायिक निकाय हैं, जो यह निर्धारित करने के लिए स्थापित किए गए हैं कि क्या भारत में रहने वाला कोई व्यक्ति 1964 के विदेशी (न्यायाधिकरण) आदेश के आधार पर 1946 के विदेशी अधिनियम के तहत परिभाषित “विदेशी” है।

    ये न्यायाधिकरण नागरिकता और भारत में “विदेशियों” की उपस्थिति से संबंधित मामलों से निपटने के लिए बनाए गए हैं। ये विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिनमें किसी पर अवैध आप्रवासी होने का संदेह होता है।

    असम में 100 विदेशी न्यायाधिकरण हैं।

    कोच राजबंशी की असम, पश्चिम बंगाल, मेघालय और बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के कुछ हिस्सों में अच्छी खासी आबादी है और वे अनुसूचित जनजाति का दर्जा मांगते रहे हैं।

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