Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सड़कें नमाज के लिए नहीं, यातायात के लिए हैं, बाकियों को हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए: आदित्यनाथ
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश ओड़िशा खबरें राज्य से झारखंड बिहार

    सड़कें नमाज के लिए नहीं, यातायात के लिए हैं, बाकियों को हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए: आदित्यनाथ

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 1, 2025No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सड़कें नमाज के लिए नहीं, यातायात के लिए हैं, बाकियों को हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए: आदित्यनाथ

    नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ मुसलमानों को प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी का बचाव करते हुए कहा है कि सड़कें यातायात के लिए होती हैं।

    आदित्यनाथ ने मुसलमानों से यह भी कहा कि वे हिन्दुओं से धार्मिक अनुशासन सीखें, जो विशाल महाकुंभ मेले में शामिल हुए लेकिन इस दौरान अपराध, तोड़-फोड़ या उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक विशेष साक्षात्कार के दौरान वक्फ (संशोधन) विधेयक के आलोचकों पर भी निशाना साधा।

    उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों के साथ-साथ ‘‘लूट खसोट’’ के अड्डा बन गए हैं और इन्होंने मुसलमानों के कल्याण के लिए बहुत कम काम किया है।

    योगी आदित्यनाथ ने हिंदू मंदिरों और मठों द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किए गए दान का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कई गुना अधिक संपत्ति होने के बावजूद किसी वक्फ बोर्ड ने इस तरह का कल्याणकारी कार्य किया है?

    उन्होंने कहा, ‘‘ देखिए, हर अच्छे कार्य का विरोध होता है। वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हो-हल्ला हो रहा है। ये जो हो-हल्ला कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कोई ऐसा कल्याणकारी काम है जो वक्फ बोर्ड के माध्यम से किया गया हो? सारे समाज की बात तो छोड़िए, क्या वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल मुसलमानों के कल्याण के लिए किया गया है?’’

    मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ये व्यक्तिगत स्वार्थ के अड्डे बने हुए हैं। चंद लोगों की लूट- खसोट के अड्डे बने हुए हैं। यह (वक्फ) किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बना हुआ है और सुधार इस समय की मांग है तथा हर सुधार का विरोध होता है। देश, काल और परिस्थिति के अनुसार हमें उसके लिए तैयार होना चाहिए और मुझे लगता है कि इसका लाभ मुस्लिम समाज को भी होगा।’’

    योगी एवं नेता आदित्यनाथ हिंदुत्व को लेकर अपने कट्टर विचारों और अपराधियों के खिलाफ सख्त प्रशासक की छवि के कारण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक बनकर उभरे हैं। उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव को लेकर आलोचनाओं को खारिज किया।

    उन्होंने कहा कि राज्य की आबादी में मुसलमानों की संख्या 20 प्रतिशत है लेकिन सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों में उनकी हिस्सेदारी 35 से 40 प्रतिशत है। आदित्यनाथ ने कहा कि वह न तो भेदभाव में विश्वास करते हैं और न ही तुष्टीकरण में।

    उन्होंने कहा, ‘‘हम तुष्टीकरण से अपने आपको हमेशा अलग रखते हैं और उस हर जरूरतमंद को, जो भारत का नागरिक है, शासन की हर सुविधा का लाभ मिलना चाहिए।’’

    त्वरित न्याय के तौर पर उनके ‘‘बुलडोजर मॉडल’’ को अब अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है, हालांकि इसकी वैधता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

    आदित्यनाथ ने इस मामले में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वह इस मॉडल को उपलब्धि नहीं बल्कि आवश्यकता मानते हैं।

    उन्होंने कहा कि बुलडोजर का उपयोग बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और अतिक्रमण हटाने के लिए भी किया जा सकता है।

    उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने उसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया है।’’

    उन्होंने दावा किया कि ‘बुलडोजर कार्रवाई’ के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी उनके राज्य से संबंधित नहीं है।

    उन्होंने कहा कि वास्तव में शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश द्वारा अपनाए गए दिशा-निर्देशों की सराहना की है।

    मेरठ में सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ उनके प्रशासन द्वारा दी गई चेतावनी पर उठे विवाद के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने सरकार के कदम का दृढ़ता से बचाव करते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

    उन्होंने कहा, ‘‘सड़क चलने के लिए होती है और जो लोग (इस फैसले के खिलाफ) बोल रहे हैं उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। कुल 66 करोड़ लोग प्रयागराज में आए। कहीं कोई लूटपाट नहीं, कहीं कोई आगजनी नहीं, कहीं कोई छेड़खानी नहीं, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं, कहीं कोई अपहरण नहीं, यह होता है अनुशासन… यह है धार्मिक अनुशासन… अगर आपको सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन को भी मानना सीखिए।

    बाकियों को हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए: आदित्यनाथ यातायात के लिए हैं सड़कें नमाज के लिए नहीं
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleश्री श्री बाल मंदिर अखाड़ा साकची इस वर्ष मनाएगा स्वर्ण जयंती महोत्सव
    Next Article मैं हर मैच में अपने प्रदर्शन में एक-डेढ़ प्रतिशत का सुधार करना चाहता हूं: अर्शदीप

    Related Posts

    स्मार्ट मानगो विकास: मेयर-बन्ना गुप्ता ने टाटा स्टील MD से की मुलाकात

    May 26, 2026

    पश्चिम बंगाल: शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में उम्मीदें

    May 26, 2026

    शुभेंदु अधिकारी के ‘जनता दरबार’ में उमड़ी भारी भीड़

    May 26, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    ब्रिटेन से लौटीं जैन पांडुलिपियां: भारत की सांस्कृतिक विजय

    स्मार्ट मानगो विकास: मेयर-बन्ना गुप्ता ने टाटा स्टील MD से की मुलाकात

    पश्चिम बंगाल: शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में उम्मीदें

    शुभेंदु अधिकारी के ‘जनता दरबार’ में उमड़ी भारी भीड़

    राहुल गांधी: ‘जेन जी’ तोड़ेगा PM मोदी का अहंकार

    आत्मप्रेम व आत्मसम्मान: स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र

    रिश्तों का धर्म अदालतें समझाएं? सामाजिक पतन का संकेत

    जिला पंचायत स्थापना समिति की बैठक संपन्न

    ईद-उल-जुहा को लेकर केंद्रीय शांति समिति की बैठक संपन्न

    मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.