Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आनंद मार्ग ने पूर्णिमा नेत्रालय में 40 फेको सर्जरी एवं 5 एस.आई.सी.एस सर्जरी कर निशुल्क लैंस प्रत्यारोपण कराया
    Breaking News चाईबासा जमशेदपुर

    आनंद मार्ग ने पूर्णिमा नेत्रालय में 40 फेको सर्जरी एवं 5 एस.आई.सी.एस सर्जरी कर निशुल्क लैंस प्रत्यारोपण कराया

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 4, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    आनंद मार्ग ने पूर्णिमा नेत्रालय में 40 फेको सर्जरी एवं 5 एस.आई.सी.एस सर्जरी कर कुल 45 का निशुल्क लैंस प्रत्यारोपण कराया

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर: आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल एवं पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से दृष्टि सेवा महा अभियान के तहत 40 फेको सर्जरी एवं 5 एस.आई.सी.एस सर्जरी कर निशुल्क लैंस प्रत्यारोपण किया गया।आनंद मार्ग ने आयुष्मान एवं(डी.बी.सी.एस )राष्ट्रीय अंधत्व निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम से लगभग 45 लोगों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चिन्हित हुए।

     

    जो रोगी मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए चिन्हित हुए उनका मोतियाबिंद मेच्योर्ड हो चुका है,रोगियो का पूर्णिमा नेत्रालय के सहयोग से मोतियाबिंद ऑपरेशन कर निशुल्क लैंस प्रत्यारोपण किया जाएगा। पोटका ब्लॉक के चलीयामा, गदरा एवं सोनारी से पिछले कैंप से चयनित 45रोगियों का ऑपरेशन कर निशुल्क लैंस प्रत्यारोपण कर रोगियों को दवा एवं चश्मा देकर घर पहुंचा दिया गया।

     

     

    आनंद मार्ग के कैंप ऑर्गेनाइजर सुनील आनंद ने बताया कि
    फेको सर्जरी या फेकोइमल्सीफिकेशन एक प्रकार का मोतियाबिंद का इलाज है जो लेंस के धुंधले हिस्से यानी मोतियाबिंद को हटाने के लिए किया जाता है। फेको तकनीक से मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाता है। लेंस को छोटे टुकड़ों में तोड़ने के लिए अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग करती है। फिर लेंस के टुकड़ों को बाहर निकाल दिया जाता है और आँखों की रोशनी में सुधार करने के लिए आंख के लेंस पर एक कृत्रिम लेंस (Artificial lens) लगाया जाता है।

     

     

     

    छोटे चीरे की मोतियाबिंद सर्जरी (एस.आई.सी.एस.)
    इसे आमतौर पर “SICS” भी कहा जाता है, इस प्रक्रिया में प्रोब या किसी अत्याधुनिक मशीन द्वारा सर्जरी नहीं की जाती है।

    इसके बजाय, डॉक्टर आमतौर पर कॉर्निया के किनारे पर हाथ से एक बड़ा चीरा (फेको के चीरे की तुलना में बड़ा) लगाने के लिए एक ब्लेड इस्तेमाल करता है और फेको तकनीक के जैसे आँखों में लेंस को तोड़े बिना मोतियाबिंद को हटा देता है। बाद में एक कैप्सूल जैसे बैग के अंदर कृत्रिम लेंस (IOL) को आँखों में डाला जाता है।

    एस.आई.सी.एस.(SICS) एक टांका रहित सर्जरी है और इसमें टांके लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है और चीरा खुद से ही ठीक हो जाता है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकुंभ में जाने वाले नेताओं और पैसे वालों को डुबकी लगाकर मोक्ष में चले जाना चाहिए: पप्पू यादव
    Next Article मालगोदाम रोड पर स्वचालित टिकट बिक्री मशीन लगाने की मांग ईजरप्पा ने किया

    Related Posts

    टेल्को में बड़ी चोरी: रिटायर्ड टाटा मोटर्स कर्मचारी के क्वार्टर से 20 लाख के गहने और नकदी गायब

    October 26, 2026

    सत्ता के लिए एहसान, सवाल उठे तो निष्कासन!

    October 26, 2026

    अलविदा बिजली रानी! एक दौर था, जब शाहाबाद में जिसकी हैसियत बड़ी होती थी, उसके दरवाजे पर चांद-बिजली का

    October 26, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    टेल्को में बड़ी चोरी: रिटायर्ड टाटा मोटर्स कर्मचारी के क्वार्टर से 20 लाख के गहने और नकदी गायब

    मोहन भागवत का विजयादशमी संदेश: मतभेद अनेक फिर भी भारत एक, यही है राष्ट्रीय एकता

    गुवाहाटी में शुरू हुआ भुल्लुंग-बुथुर अंतरराष्ट्रीय नाट्य महोत्सव, सात नाटकों संग लॉन्च होंगे आठ डिजिटल टूल

    विद्वान होकर भी आदमी रावण बन सकता है: ज्ञान और अहंकार का कड़वा सच

    सत्ता के लिए एहसान, सवाल उठे तो निष्कासन!

    अलविदा बिजली रानी! एक दौर था, जब शाहाबाद में जिसकी हैसियत बड़ी होती थी, उसके दरवाजे पर चांद-बिजली का

    Casino zonder verificatie spelen: waar snelheid op de speler wacht

    काण्ड्रा में युवक का पर्स गुम, सनहा दर्ज

    Big Bass Bonanza met iDEAL: stortingen, kassa en doorlooptijd onder de loep

    Sloten met hoge volatiliteit kiezen: een praktische keuze voor wie de uitkomst verdraagt

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.