Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » मत्स्यजीवी किसानों को लगा झटका तालाब में मछलियां पायी मृत
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड

    मत्स्यजीवी किसानों को लगा झटका तालाब में मछलियां पायी मृत

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 3, 2023No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    सरायकेला जिले के आदित्यपुर नगर निगम वार्ड दो अंतर्गत भुरकाडीह तालाब में मछली पालन कर रहे मत्स्यजीवी किसानों को बड़ा झटका लगा है. जहां बुधवार की सुबह लाखों की मछलियां तालाब में मृत पायी गयी, जिसके बाद किसानों में मायूसी छा गयी है. मत्स्यजीवी किसान फूलचंद सिंह सरदार के अनुसार करीब पांच लाख से ज्यादा की मछलियां मृत पायी गयी है.

     

     

    उन्होंने बताया कि इस तालाब से स्थानीय बाजारों के अलावा आढ़त में भी मछलियां भेजी जाती हैं. यह तालाब दर्जनभर मत्स्यजीवी किसानों के जीविकोपार्जन का एकमात्र श्रोत है. मछलियों के मरने से उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने बताया कि भुरकाडीह तालाब में श्रीपुरम सोसायटी का प्रदूषित पानी बहाया जाता है. साथ ही तालाब के इर्द- गिर्द बसे अन्य बस्ती का प्रदूषित पानी भी इसमें बहाया जा रहा है. कई बार मना करने पर भी उनके द्वारा पानी तालाब में गिराना बंद नहीं किया गया, जिसका दुष्परिणाम आज सामने आ गया है. उन्होंने इस पूरे प्रकरण के जांच की मांग की साथ ही नुकसान की भरपाई की भी मांग की है. उन्होंने बताया कि इस तालाब में आसपास के ग्रामीण स्नानादि नित्यकर्म के लिए भी आते हैं, साथ ही आसपास के मवेशी भी पानी पीने आते हैं. प्रदूषण की वजह से उन्हें भी नुकसान पहुंच सकता है. बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब इतने बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत हुई है.

     

     

    इससे पूर्व भी इस तालाब में मछलियां मृत पायी गयी थी. इसके अलावा जमुना तालाब, बर्गीडीह तालाब में भी मछलियां मृत पाई गई थी. सभी तालाबों के आसपास उद्योग या रिहायशी कॉलोनी हैं जिसके प्रदूषित पानी तालाब में प्रवाहित किये जाने की वजह से मछलियों की मौत हो चुकी है, हर बार नुकसान मत्स्य पालकों को उठाना पड़ा है. बावजूद इसके प्रदूषण विभाग और स्थानीय प्रशासन इसको लेकर गंभीर नहीं है. फूलचंद सरदार इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जता रहे हैं. दरअसल तालाब के इर्द-गिर्द बड़ी रिहायशी कॉलोनियां हैं. भू- माफियाओं की नजर तालाब पर है. उन्होंने मछलियों के मौत की जांच की मांग की है. उन्होंने बताया कि कई बार श्रीपुरम सोसाइटी से तालाब में चूना डलवाने की मांग की गई मगर उनके द्वारा मदद नहीं किया गया.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleविश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य मे हेल्थ चेकअप कैम्प का आयोजन
    Next Article कोर्ट ने दी 7 दिनों की मोहलत , नहीं तो सशरीर पधारे

    Related Posts

    छात्र तनवीर की मौत ने फिर उठाया सवाल, चैकडैम और नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजाम कब?

    August 7, 2026

    सूचना आयोग में लंबित 25 हजार मामलों पर विधानसभा में आवाज उठाएं विधायक : रश्मि भेंगरा

    August 7, 2026

    लोकसभा में गूंजी चिरिया खदान की आवाज

    August 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    छात्र तनवीर की मौत ने फिर उठाया सवाल, चैकडैम और नदी घाटों पर सुरक्षा इंतजाम कब?

    सूचना आयोग में लंबित 25 हजार मामलों पर विधानसभा में आवाज उठाएं विधायक : रश्मि भेंगरा

    लोकसभा में गूंजी चिरिया खदान की आवाज

    उदयपुर से दलमा तक पुलिस का ऑपरेशन, कई गिरफ्तार, एके 47, इंसास, पिस्टल और 361 कारतूस बरामद

    औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा पर एसिया की चिंता, एसपी ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा

    9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर गोपाल मैदान में विशाल जन सभा

    अतिवृष्टि से हल्दीपोखर में मकान ध्वस्त पीड़ित परिवारों के लिए मुआवज़े की मांग

    झारखण्ड साहित्य संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित साहित्य प्रतियोगिता का परिणाम घोषित

    जादूगोड़ा की पंचायत योजनाओं में फर्जीवाड़े का आरोप, ग्राम प्रधान के नाम पर नकली पत्र बनाकर योजनाएं स्वीकृत कराने की शिकायत

    3 करोड़ का धमकुडिया भवन पहली ही बरसात में जर्जर, दरारें और सीपेज से श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर संकट

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.