*3-टी बनेंगे इकोनॉमी के ड्राइवर : शेखावत*
– *मप्र के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री का उद्बोधन*
– *कहा, इकोनॉमिक ग्रोथ का सबसे ज्यादा लाभ ट्रैवल एंड टूर सेक्टर को मिलेगा*
*भोपाल।* केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि टेक्नोलॉजी, टैक्सटाइल और ट्रैवल एंड टूरिज्म यानी 3-टी, ये सेक्टर देश की इकोनॉमी के ड्राइवर बनने वाले हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री और ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा निवेश अगर किसी एक प्रदेश में आने की संभावना है तो वो मध्य प्रदेश है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में मध्य प्रदेश ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025’ में टूरिज्म पर आयोजित विशेष सत्र में अपने उद्बोधन में शेखावत ने कहा कि पिछले चार साल से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी भारत की है। यह सरकार के पॉलिसी डिसीजन, इकोनॉमिक रिफॉर्म्स और भारत के हितों के साथ समझौता न करने की नीति के चलते संभव हुआ है। पिछले दिनों दाभोल इकोनॉमिक समिट में सबने इस बात को स्वीकारा कि भारत की इकोनॉमी जिस रास्ते पर चल रही है, वो हर सातवें साल बाद में दोगनी होती जाएगी। आज हम चार ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के बेस पर खड़े हैं। साल 2047 तक 22 साल के कालखंड में लगभग चार बार भारत की अर्थव्यवस्था का दोहरीकारण होगा, यानी चार से आठ, आठ से 16 और 16 से 32 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की दिशा में भारत आगे जा रहा है। शेखावत ने कहा कि इकोनॉमिक ग्रोथ का सबसे ज्यादा लाभ ट्रैवल एंड टूर सेक्टर को मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की ट्रैवल एंड टूरिज्म इकोनॉमी की समीक्षा करने वाले विश्व के सारे विशेषज्ञ इस बात को स्वीकार करते हैं कि भारत की इकोनॉमी में आज की तारीख में टूरिज्म सेक्टर का फॉर्मल कंट्रीब्यूशन 5.6% है। यह साल 2027 तक बढ़कर 10% होने वाला है। साल 2047 तक जब हमारी इकोनॉमी 32 ट्रिलियन डॉलर की होगी। आज भारत की इकोनॉमी जितनी बड़ी है, तब उतना कंट्रीब्यूशन अकेला टूरिज्म सेक्टर कर रहा होगा। इसलिए प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि टूरिज्म इज द फ्यूचर ऑफ दिस कंट्री।
शेखावत ने कहा कि मध्य प्रदेश न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी अद्भुत केंद्र है। मध्य प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बताते हुए उन्होंने कहा कि इस राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।
*विश्व का नजरिया भारत के प्रति बदला*
शेखावत ने कहा कि आज विश्व भर का कौतूहल और आकर्षण का केंद्र भारत बन रहा है। भारत को देखने का नजरिया तेजी से बदल रहा है। यह हमारे बढ़ते सामर्थ्य के कारण संभव हुआ है। आपने कभी सोचा कि पिछले 10 साल में क्या बदलाव हो गया कि भारत के योग, आयुर्वेद, संस्कृत, चिकित्सा पद्धति और जीवन पद्धति पर एकाएक विश्वभर की नजर में पड़ी। ये सिर्फ इसलिए हुआ, क्योंकि भारत की ताकत बढ़ गई है।
*प्रदेशों में दिख रहा प्रतिस्पर्धात्मक माहौल*
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं मानता हूं कि टूरिज्म सेक्टर की वाइब्रेंसी को देखते हुए सभी प्रदेशों में प्रतिस्पर्धात्मक माहौल दिखाई दे रहा है। पहले जब ऐसी चर्चा होती थी तो मेरे प्रदेश राजस्थान के लिए कहा जाता था कि उनकी टूरिज्म पॉलिसी बेस्ट है। सबसे पहले अगर किसी ने टूरिज्म को इंडस्ट्री स्टेटस दिया तो वो राजस्थान था। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव साहब ने मध्य प्रदेश में भी इसको लागू किया है। शेखावत ने कहा कि आने वाले समय में जिस गति के साथ भारत में टूरिज्म बढ़ रहा है, अपार संभावनाओं के द्वार पर हम सब लोग खड़े हैं।
*…तो मप्र में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा होता*
शेखावत ने कहा कि मुझे अक्सर पत्रकार प्रश्न करते हैं कि अगर आप राजनीतिक क्षेत्र में नहीं होते और यह काम नहीं कर रहे होते तो आप क्या कर रहे होते? आगे से अगर मुझसे कोई यह प्रश्न करेगा तो मैं कहूंगा कि मैं मोहन जी के स्टेट में जाकर कोई ना कोई टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा होता।
*संग्रहालय के कार्यों की सराहना की*
शेखावत ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के कर्मचारी और अधिकारियों के साथ विशेष चर्चा की। उन्होंने संग्रहालय के कार्यों और गतिविधियों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय भारत की पारंपरिक जीवनशैली, जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवंत रूप से प्रदर्शित करता है।