
नई दिल्ली: वित्त और कारपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया पर छाई 2000 रुपये के नोट को बंद करने की खबरों का खंडन किया है. अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि इसको लेकर किसी को भी घबराना नहीं चाहिए. राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, सरकार की फिलहाल 2,000 रुपये का नोट बंद करने की कोई योजना नहीं है. सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 31 दिसंबर 2019 से 2 हजार रुपये के नोट बंद होने जा रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि दो हजार रुपये का नोट बंद नहीं हो रहा है और न ही 1 हजार रुपये का नोट मार्केट में आने जा रहा है.नए नोट को लेकर हो रही ये बातें महज अफवाह हैं. 2000 रुपये के नोट को लेकर सपा सांसद विशम्भर प्रसाद निषाद ने पूछा था कि 2000 रुपये के नोट को लाने से ब्लैकमनी बढ़ी है. लोगों में धारणा है कि आप 2000 रुपये नोट को बदलने के लिए 1000 रुपये के नोट को फिर से पेश करने जा रहे हैं.इस पर वित्त राज्यमंत्री ने बताया कि कालेधन को खत्म करने, जाली नोट की समस्या से निपटने, आतंकवाद की फंडिंग को खत्म करने के लिए नोटबंदी का फैसला लिया गया था. इसके अलावा गैर औपचारिक अर्थव्यवस्था को औपचारिक अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करने और भारत को कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था बनाने के लिए डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह फैसला किया गया था. अब दो हजार का नोट बंद करने या एक हजार का नोट फिर शुरू करने जैसी कोई योजना नहीं है.

