
संतोष चौरसिया की रिपोर्ट
बेगूसराय
शनिवार को जीडी कॉलेज बेगूसराय में महाविद्यालय बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की ओर से वैश्विक आसन्न संकट : यूक्रेन रूस विवाद विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो देवनीति प्रसाद ने कहा कि यूक्रेन और रूस के विवाद की जड़ में अमेरिका और रूस की वर्चस्ववादी नीति है। फिर भी दुनिया में राष्ट्रों में एकता बनी रहनी चाहिए और हमें परमाणु युद्ध से बचना चाहिए। प्रो कमलेश कुमार ने कहा कि यूक्रेन आवरा पूंजीवाद के चक्कर में फंस गया है। जेनेटिक आइडेंटिटी के आधार पर एक देश दूसरे देश पर हमला करेगा तो भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा।वहीं भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी एवं महाविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जेपी शर्मा ने कहा यूक्रेन रूस युद्ध में भारत दुविधा पूर्ण स्थिति में फंस गया है इसे सोच समझकर कदम उठाना चाहिए। प्रोफेसर जिकरुलाह खान ने कहा कि रूस अपने आर्थिक हितों के संरक्षण के लिए परिस्थितिवश युद्ध मे आया है। इस युद्ध परिणति विश्व मे ऊर्जा संकट के रूप में होगी। मैं चाहता हूं दुनिया द्विध्रुवीय नहीं बल्कि बहुध्रुवीय हो। हिंदी विभाग के प्रोफेसर अभिषेक कुंदन ने इस संदर्भ में लियोटोलस्तोय की किताब युद्ध और शांति का जिक्र करते हुए युद्ध की भर्त्सना की। प्रोफेसर मनोज ने कहा बड़े देशों के युद्ध में छोटे देशों का ही आर्थिक सामाजिक सांस्कृतिक नुकसान होता है। आज युद्ध की नहीं बुद्ध की जरूरत है। प्रोफेसर सुनील ने कहा युद्ध राजनीतिज्ञों से अधिक बहुत-बहुत दीपों की जिम्मेदारी है इस युद्ध में सामुद्रिक शक्ति पर कब्जा एक महत्वपूर्ण पहलू है । इसे भू- राजनीतिक दृष्टि से देखने की जरूरत है। डॉ अरमान आनंद ने कहा कि युद्ध मनुष्यता के प्रति अपराध है इसकी परिणति हमेशा पीड़ादायक होती है वह समाज की सांस्कृति में घाव बन कर टहकता है। हिंदी विभाग की प्रोफेसर अंजू कुमारी ने कहा कि मेरे दोनों बच्चे यूक्रेन में फंसे थे रोमानिया होकर उन्हें भारत लाया गया है। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में प्राचार्य राम अवधेश कुमार ने कहा विश्व के प्रति चिंता हमें और अधिक मनुष्य की पहचान देती है। मैं बिहार एवं भारत सरकार से आग्रह करता हूं कि यूक्रेन से भारत लाए गए सभी छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें भारत में ही पढ़ने की सुविधा प्रदान की जाए। मैं आयोजन करता समिति सहित सभी उपस्थित बौद्धिक जनों का अभिवादन करता हूं साथ ही कार्यक्रम की सफलता की बधाई देता हूं। कार्यक्रम के संयोजक प्रो राकेश रौशन ने कहा इस युद्ध की पृष्ठभूमि में सोवियत का इतिहास छुपा है जिसपर गौर करना आवश्यक है।कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रोफेसर अभिमन्यु ने कहा यूक्रेन और युद्ध रूस का युद्ध पुनः दुनिया को कोल्ड वार की ओर धकेल देगा।
इस अवसर पर प्रो .सच्चिदानंद सिंह, प्रो बिपिन कुमार चौधरी, प्रो सी बी पी सिन्हा, प्रो नौशाद आलम , प्रो उपेंद्र कुमार , प्रो बी के दुबे, प्रो दिनेश कुमार, प्रो प्रेम विजय, प्रो संजय प्रियदर्शी, प्रो रेनू कुमारी प्रो. कृष्ण कुमार , प्रो राजाजीत आदि उपस्थित रहे।
