झारखंड सरकार ने लॉकडाउन में काफी छूट दी है. नगर निगम एरिया को छोड़कर सभी जगहों पर छूट दी गयी है यानी शहरी इलाके में छूट नहीं दी गयी है. भारत सरकार द्वारा 31 मई तक के लिए लॉकडाउन को लागू कर दिया गया है. इसको लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में अपने कार्यालय में अधीनस्थ अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बैठक की है. इसके तहत 18 मई से राज्य के भीतर कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सभी जगहों पर कई कार्यों को इजाजत दी गयी है. इसके तहत कहा गया है कि सारे एरिया में औद्योगिक कार्य हो सकेगा जबकि निर्माण कार्य और गोदाम या वेयर हाउस का संचालन किया जा सकेगा. हार्डवेयर, कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़ी दुकानें, किताब, स्टेशनरी की दुकानें और टेलीकॉम से संबंधित कंपनियों के अलावा दुकानें चलायी जा सकती है.
निजी दफ्तर, इ-कॉमर्स के काम, शराब की दुकानें, एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाली टैक्सी का मूवमेंट की इजाजत दी गयी है. झारखंड में कृषि के कार्य, आवश्यक और गैर आवश्यक सामानों की आवाजाही, दवा, खाना, खाद्य सामग्रियों, स्कूलों और कॉलेजों की किताबें, कृषि उपकरणों की दुकानों को चलाने की इजाजत दी गयी है. पब्लिक यूटिलिटीज से जुड़ी चीजों को भी संचालन की इजाजत दी गयी है. ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य की इजाजत दी गयी है जबकि शहरी क्षेत्रों में भी सभी कंस्ट्रक्शन को इजाजत दी गयी है. इ-कॉमर्स से जुड़ी तमाम चीजें, ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को संचालित करने की इजाजत दे दी गयी है. अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक, हेल्थ सर्विसेज से जुड़ी तमाम चीजों को खोलने की इजाजत दी गयी है. चिल्ड्रेन होम, ऑब्जरवेशन होम, सोशल सेक्टर, बैंक, एटीएम, इंश्योरेंस कंपनियों के अलावा वित्तीय सेवाओं से जुड़े तमाम कार्यों को चलाने की इजाजत दी गयी है. डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन लर्निंग की इजाजत दी गयी है. मनरेगा के कार्यों को भी इजाजत दी गयी है. कॉल सेंटर से जुड़े तमाम कार्यों को भी इजाजत दी गयी है. राज्य सरकार द्वारा जमीन और मकान की रजिस्ट्री की भी इजाजत दे दी है, जिसके दफ्तर को खोला जायेगा और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कराते हुए रजिस्ट्री कराया जायेगा.
ये सारे काम सिर्फ गांवों में संचालित होगी
राज्य सरकार के मुताबिक, झारखंड में मोबाइल, घड़ी, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, टीवी, आइटी से संबंधित कार्य, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल की दुकानें, फ्रीज, एसी की दुकानों को चलाने की इजाजत दी गयी है. गांवों में सारे कामकाज करने की इजाजत दी गयी है.

