Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » भारत के अमूल्य धरोहर मां भारती को जंजीरों से आजाद कराने वाले बाबा बिरसा मुंडा के पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि.
    Breaking News Headlines मेहमान का पन्ना राष्ट्रीय संवाद विशेष

    भारत के अमूल्य धरोहर मां भारती को जंजीरों से आजाद कराने वाले बाबा बिरसा मुंडा के पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि.

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 9, 2019No Comments5 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    भारत के अमूल्य धरोहर मां भारती को जंजीरों से आजाद कराने वाले बाबा बिरसा मुंडा के पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि…………………………. कालीचरण सिंह पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री महामंत्री किसान मोर्चा भारतीय जनता पार्टी
    प्रारंभिक जीवन के कुछ अंश…..
    भगवान बिरसा का परिवार वैसे तो घुमक्कड़ जीवन व्यतीत करता थे लेकिन उनका अधिकांश बचपन चल्कड़ में बीता था ,
    भगवान बिरसा बचपन से अपने दोस्तों के साथ रेत में खेलते रहते थे और थोडा बड़ा होने पर उन्हें जंगल में भेड़ चराने जाना पड़ता था | जंगल में भेड़ चराते वक़्त समय व्यतीत करने के लिए बाँसुरी बजाया करते थे और कुछ दिनों बाँसुरी बजाने में उस्ताद हो गये थे | उन्होंने कद्दू से एक एक तार वाला वादक यंत्र तुइला बनाया था जिसे भी वो बजाया करते थे | उनके जीवन के कुछ रोमांचक पल अखारा गाँव में बीते थे |

    गरीबी के इस दौर में भगवान बिरसा को उनके मामा के गाँव अयुभातु भेज दिया गया | अयुभातु में बिरसा दो साल तक रहे और वहा के स्कूल में पढने गये थे | बिरसा पढाई में बहुत होशियार थे इसलिए स्कूल चलाने वाले जयपाल नाग ने उन्हें जर्मन मिशन स्कूल में दाखिला लेने को कहा | अब उस समय क्रिस्चियन स्कूल में प्रवेश लेने के लिए इसाई धर्म अपनाना जरुरी हुआ करता था तो बिरसा ने धर्म परिवर्तन कर अपना नाम बिरसा डेविड रख दिया जो बाद में बिरसा दाउद हो गया था | कुछ वर्षो तक पढाई करने के बाद उन्होंने जर्मन मिशन स्कूल छोड़ दिया | अब स्कूल छोड़ने के बाद वो वैष्णो भक्त आनन्द पांडे के प्रभाव में आये और उन्होंने हिन्दू धर्म की शिक्षा ली | उन्होंने रामायण , महाभारत और अन्य हिन्दू महाकाव्य पढ़े |

    1886 से 1890 का दौर उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ रहा जिसमे उन्होंने इसाई धर्म के प्रभाव में अपने धर्म का अंतर समझा | उस मस्य सरदार आंदोलन शुरू हो गया था इसलिए उनके पिता ने उनको स्कूल छुडवा दिया था क्योंकि वो इसाई स्कूलों का विरोध कर रही थी | अब सरदार आन्दोलन की वजह से उनके दिमाग में इसाइयो के प्रति विद्रोह की भावना जागृत हो गयी थे | बिरसा भी सरदार आन्दोलन में शामिल हो गये थे और अपने पारम्परिक रीती रिवाजो के लिए लड़ना शुरू हो गये थे | अब बिरसा मुंडा आदिवासियों के जमीन छीनने , लोगो को इसाई बनाने और युवतियों को दलालों द्वारा उठा ले जाने वाले कुकृत्यो को अपनी आँखों से देखा था जिससे उनके मन में अंग्रेजो के अनाचार के प्रति क्रोध की ज्वाला भडक उठी थी

    अब वो अपने विद्रोह में इतने उग्र हो गये थे कि आदिवासी जनता उनको भगवान मानने लगी थी और आज भी आदिवासी जनता बिरसा को भगवान बिरसा मुंडा के नाम से पूजती है | उन्होंने धर्म परिवर्तन का विरोध किया और अपने आदिवासी लोगो को हिन्दू धर्म के सिद्धांतो को समझाया था | उन्होंने गाय की पूजा करने और गौ-हत्या का विरोध करने की लोगो को सलाह दी | अब उन्होंने अंग्रेज सरकार के खिलाफ नारा दिया “रानी का शाषन खत्म करो और हमारा साम्राज्य स्थापित करो ” | उनके इस नारे को आज भी भारत के आदिवासी इलाको में याद किया जता है | अंग्रेजो ने आदिवासी कृषि प्रणाली में बदलाव किय जिससे आदिवासियों को काफी नुकसान होता था |1895 में लगान माफी के लिए अंग्रेजो के विरुद्ध मोर्चा खोल दिय था |

    बिरसा मुंडा ने सन 1900 में अंग्रेजो के विरुद्ध विद्रोह करने की घोषणा करते हुए कहा “हम ब्रिटिश शाशन तन्त्र के विरुद्ध विद्रोह की घोषणा करते है और कभी अंग्रेज नियमो का पालन नही करेंगे , ओ गोरी चमड़ी वाले अंग्रेजो , तुम्हारा हमारे देश में क्या काम ? छोटा नागपुर सदियों से हमारा है और तुम इसे हमसे छीन नही सकते है इसलिए बेहतर है कि वापस अपने देश लौट जाओ वरना लाशो के ढेर लगा दिए जायेंगे ” | इस घोषणा को एक घोषणा पत्र में अंग्रेजो के पास भेजा गया तो अंग्रेजो ने अपनी सेना बिरसा को पकड़ने के लिए रवाना कर दी |अंग्रेज सरकार ने बिरसा की गिरफ्तारी पर 500 रूपये का इनाम रखा था | अब बिरसा भी तीर कमान और भालो के साथ युद्ध की तैयारियों में लग गये |अब बिरसा के इसके विद्रोह में लोगो को इकट्ठा किया और उनके नेतृत्व में आदिवासियों का विशाल विद्रोह हुआ था | अंग्रेज सरकार ने विद्रोह का दमन करने के लिए 3 फरवरी 1900 को मुंडा को गिरफ्तार कर लिया जब वो अपनी आदिवासी गुरिल्ला सेना के साथ जंगल में सो रहे थे |उस समय 460 आदिवासियों को भी उनके साथ गिरफ्तार किया गया | 9 जून 1900 को रांची जेल में उनकी रहस्यमयी तरीके से मौत हो गयी और अंग्रेज सरकार ने मौत का कारण हैजा बताया था जबकि उनमे हैजा के कोई लक्षण नही थे | केवल 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने ऐसा काम कर दिया जिससे आज पूरा देश इस महान विभूति को उसके किए गए कार्यों को आज याद करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि दे रहा है इस कड़ी का मैं भी एक अंश हूं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकई कंपनियां चार आदमी का काम एक व्यक्ति से करा रही है:सरयू राय
    Next Article कृतज्ञ राष्ट्र आज धरती आबा बिरसा मुन्डा की पुण्य तिथि पर नमन कर रहा

    Related Posts

    ईचागढ़ में आजसू को झटका, हरेलाल महतो ने छोड़ी पार्टी

    September 26, 2026

    प्रथम पुण्यतिथि पर याद किए गए इंस्पेक्टर रूपक कुमार अम्बुज

    September 26, 2026

    विद्यालय में शिक्षक अभिभावक गोष्ठी आयोजित

    September 26, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    ईचागढ़ में आजसू को झटका, हरेलाल महतो ने छोड़ी पार्टी

    प्रथम पुण्यतिथि पर याद किए गए इंस्पेक्टर रूपक कुमार अम्बुज

    विद्यालय में शिक्षक अभिभावक गोष्ठी आयोजित

    जादूगोड़ा में सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता 27 सितंबर को

    खो-खो टीम चयन के लिए ट्रायल 11 अक्टूबर को

    तकनीकी संस्थानों में भी बढ़े हिंदी का प्रयोग : रवीन्द्र कुमार

    हल्दीपोखर रेलवे साइडिंग में प्रदूषण की जांच, टीम ने देखा एक-एक बिंदु

    क्षमतालय फाउंडेशन ट्रेनिंग के अंतिम दिन विद्यार्थियों ने लगाया प्रदर्शनी मेला

    बच्चों ने मैदान में बनाया SHS, महिलाओं व स्वच्छता कर्मियों ने ली शपथ

    भाजयुमो के जिला मंत्री ने प्रदूषण पर रोक के लिए एडीसी को दिया ज्ञापन

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.