निजाम खान
*महात्मा गाधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना रोजगार के नए आयाम स्थापित कर रही है। सरकार की इस योजना के तहत हर जरूरतमंद व्यक्ति को काम मिल रहा है और परिवार के पालन-पोषण में सहायता मिल रही हैं:- उपायुक्त जामताड़ा श्री गणेश कुमार (भा.प्र.से.)*
*जिले में रोजगार की कोई कमी नहीं है, जिला प्रशासन रोजगार देने को लेकर तत्पर है:- उपायुक्त जामताड़ा*
उपायुक्त जामताड़ा श्री गणेश कुमार (भा.प्र.से.) ने जानकारी देते हुए कहा कि जिले में विभिन्न योजनाओं का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इससे श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। अकेले मनरेगा के तहत जिला में 3051 योजनाएं चल रही हैं। मनरेगा के अंतर्गत ट्रेंच कम बण्ड (टीसीबी), नाली निर्माण, डोभा निर्माण,आम बागवानी, मेड बंदी आदि योजनाओं का कार्य चल रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन द्वारा तीन प्रमुख योजनाएं ,बिरसा हरित ग्राम योजना, पोटो हो खेल विकास योजना और नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना लाॅन्च की गई है। इन तीनों योजनाओं को भी धरातल पर उतारने और अधिक से अधिक मानव दिवस का सृजन करने को लेकर निर्देश उपायुक्त जामताड़ा द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया है।
उपायुक्त जामताड़ा ने कहा कि इस दिशा में भी कार्य चल रहा हैं। *मनरेगा के अंतर्गत अब तक 184000 मानव दिवस का सृजन हो चुका है।* माननीय मुख्यमंत्री द्वारा लॉन्च किए गए तीनों योजनाओं पर कार्य शुरू हो गया है जिससे अधिकतम मानव दिवस सृजन होगा।
ज्ञात हो कि उपायुक्त जामताड़ा श्री गणेश कुमार(भा.प्र.से.) के द्वारा संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे हर प्रखंड में जाकर कार्य योजना की रूपरेखा देखें साथ ही मनरेगा के तहत चल रहे सभी योजनाओं का निरीक्षण करें। इस आलोक में लगातार उप विकास आयुक्त श्री नागेंद्र कुमार सिन्हा, डीआरडीए निदेशक श्रीराम वृक्ष महतो, परियोजना पदाधिकारी मोतिउर रहमान सहित अन्य पदाधिकारी एवं स्वयं उपायुक्त जामताड़ा भी मनरेगा के तहत चल रहे योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।
उपायुक्त जामताड़ा द्वारा कहा गया है कि मानव दिवस सृजन अधिक से अधिक हो ताकि श्रमिकों को काम मिलते रहे ताकि उनका घर परिवार अच्छे से चले।
उपायुक्त जामताड़ा द्वारा संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि जिले में अप्रवासी श्रमिक या अन्य जो स्वेक्षा से कार्य करना चाहते हैं। उनका जॉब कार्ड बनाकर उनको काम सौंपे ताकि वे रोजगार से वंचित ना रहे।
*मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में काम शुरू किया गया है लोगों को मिल रही है रोजगार:- उपायुक्त जामताड़ा*
उपायुक्त जामताड़ा द्वारा बताया गया कि मनरेगा के कामों को छूट मिलने से ग्रामीण इलाकों में बंद पड़े निर्माण कार्य/ नई कार्य शुरू हो गए हैं और गांव में रहने वाले श्रमिकों एवं अप्रवासी मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। इससे श्रमिक वर्ग के लोग को रोजगार मिल रहा है। इससे लॉक डाउन के दौरान अपने गांव में वापस लौटे श्रमिकों को राहत मिल रही है।
उपायुक्त जामताड़ा द्वारा जानकारी दी गई कि मनरेगा के तहत श्रमिकों को उनके ही गांव में या पंचायत के अंदर 1 साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार मुहैया कराया जाता है। 1 दिन के काम के एवज में श्रमिक को 194 रुपए मेहनताना दिया जाता है।

