Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जबरन त्यागपत्र की मांग न्यायोचित नहीं : रघुवर दास
    Breaking News Headlines झारखंड

    जबरन त्यागपत्र की मांग न्यायोचित नहीं : रघुवर दास

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 25, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जबरन त्यागपत्र की मांग न्यायोचित नहीं : रघुवर दास
    स्टील स्ट्रिप ह्विल्स लि. कर्मी पूर्व मुख्यमंत्री मिले

    जमशेदपुर। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पूर्वी सिंहभूम के उप श्रमायुक्त को पत्र लिख कर स्टील स्ट्रिप ह्विल्स लि. प्रबंधन द्वारा वहां कार्यरत कर्मियों से जबरन त्यागपत्र मांगे जाने के मामले में न्यायोचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
    श्री दास ने कहा कि कोरोना माहामारी को लेकर  पूरा देश परेशान है। केंद्र सरकार ने ऐसी स्थिति में व्यावसाइयों के लिए कई घोषणाएं की है तथा सहयोग भी कर रही है। कई कंपनियां भी अपने श्रमिकों को बगैर काम के वेतन दे रही है। ऐसी स्थिति में स्टील स्ट्रिप ह्विल्स लि. के प्रबंधन द्वारा जमशेदपुर में कार्यरत कर्मचारियों को तरह-तरह प्रताडि़त करने तथा जबरन त्यागपत्र लिया जाना न्यायसंगत नहीं है।
    इसके पूर्व सोमवार को स्टील स्ट्रिप ह्विल्स लि. के कामगारों का एक प्रतिनिधिमंडल श्री पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कहा गया है कि कंपनी प्रबंधन 69 कर्मचारियों को ऐन-केन-प्रकारेण हटाना चाहती है। इसके लिए कई कर्मचारियों से जबरन त्याग पत्र लिया गया है। जिन्होंने त्याग पत्र देने से इंकार किया है, उनका वेतन व अन्य भत्ता रोका जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि कंपनी वैसे भी उत्पादन नहीं होने के नाम पर कर्मचारियों को 45 प्रतिशत ही वेतन दे रही है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों की सेवा समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबोखारी को थाना प्रभारी ने गुलदस्ता देकर दिया ईद की बधाई
    Next Article ऑटो चालकों को तीन माह का राशन व आर्थिक सहायता दे राज्य सरकार: दिनेश कुमार

    Related Posts

    राम मंदिर में ‘चांदी का कौवा चोरी’: अयोध्या के दान पर उठे गंभीर सवाल

    June 26, 2026

    मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ: क्यों जरूरी है एक साझा लड़ाई?

    June 26, 2026

    जमशेदपुर: परमहंस लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में आरोग्य संस्थान का उद्घाटन, सरयू राय ने की पहल की सराहना

    June 25, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    राम मंदिर में ‘चांदी का कौवा चोरी’: अयोध्या के दान पर उठे गंभीर सवाल

    मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ: क्यों जरूरी है एक साझा लड़ाई?

    भरत तिवारी एनकाउंटर: पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल, क्या मिलेगा न्याय?

    जमशेदपुर: परमहंस लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में आरोग्य संस्थान का उद्घाटन, सरयू राय ने की पहल की सराहना

    कोचिंग जाने निकली 16 वर्षीय छात्रा रहस्यमय परिस्थितियों में लापता, परिजनों ने लगाई मदद की गुहार

    सिंहभूम कॉलेज में ‘साहित्यिक मंच’ संपन्न, संताली साहित्य और युवा रचनाधर्मिता पर मंथन

    प्रखंड मुख्यालय में एससीआर को ले बीएलए-2 की बैठक आयोजित

    मवि ऊपरबेड़ा में प्रखंड स्तरीय सुब्रतो कप एवं लिटिल चैम्पस फुटबाल प्रतियोगिता आयोजित

    ट्रंप का दावा: मध्यपूर्व में शांति की ओर बढ़ रहा ईरान, ईरान बड़ी रियायतें दे रहा है

    खनन विभाग ने औचक निरीक्षण में किया एक वाहन जब्त एवं पाटा टोल प्लाजा पर पांच वाहनों से वसूले 23 हजार जुर्माना

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.