राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। पूर्वी सिंहभूम के गुड़ाबांधा प्रखंड के मौजा कोइमा मोहनपाल स्थित सरकारी बालू घाट से सटे निजी स्टॉक यार्ड में बड़े पैमाने पर बालू डंप किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि घाट से निकलने के तुरंत बाद बालू को करीब 100 मीटर की दूरी पर डंप किया जा रहा है। इस दौरान कथित तौर पर ई-चालान, रॉयल्टी और JIMMS पोर्टल की एंट्री का पालन नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में बिना नंबर के ट्रैक्टरों से लगातार बालू ढुलाई हो रही है और स्टॉक यार्ड में लाखों CFT बालू जमा हो चुका है। उनका आरोप है कि सरकारी घाट से निकली बालू को रिकॉर्ड से बाहर रखकर बाद में निजी तौर पर बेचने का खेल चल रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो सकता है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला खनन कार्यालय में RTI दाखिल कर घाट के ठेकेदार की वैधता, स्टॉक यार्ड के फॉर्म-J एवं उसकी स्वीकृत क्षमता तथा पिछले तीन महीनों में बालू ढोने वाले वाहनों और उनके ई-चालान की जानकारी मांगी है।
ग्रामीणों ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से JIMMS के आंकड़ों का मौके पर भौतिक सत्यापन कर स्टॉक में जमा बालू से मिलान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा और मौके पर मौजूद बालू में अंतर मिलने पर पूरे मामले की जांच जरूरी है।
मामले में जिला खनन पदाधिकारी का पक्ष जानने के लिए राष्ट्र संवाद ने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जाएगा।

