Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कोरोना की सबसे छोटी मरीज ने दी मौत को शिकस्त, डॉक्टर बोले- कांप उठते थे हाथ
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय संवाद विशेष

    कोरोना की सबसे छोटी मरीज ने दी मौत को शिकस्त, डॉक्टर बोले- कांप उठते थे हाथ

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 7, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    देश में तेजी से पांव पसार रही कोरोना महामारी का आतंक मचा हुआ है. इस बीच राजस्थान से एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां ढाई साल की सबसे छोटी कोरोना मरीज ने इस घातक बीमारी को मात दे दी है. इस जाबाज बच्ची की कोरोना पॉजिटिव होने के 18 दिन बाद उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है. अब यह फूल सी बच्ची एसएमएस हॉस्पिटल से अपने घर लौट आई है.स्थानीय मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यह बच्ची झुंझुनूं में रहने वाले अपने माता-पिता के साथ इटली गई थी. वहीं यह अपने माता-पिता के साथ कोरोनावायरस की चपेट में आ गई. जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इन तीनों का में इलाज चला. बच्ची को जब हॉस्पिटल में लाया गया तो डॉक्टरों के सामने काफी बड़ी चुनौती थी.बच्ची को कोरोना से संक्रमित देख डॉक्टरों का भी दिल दहल उठा. हॉस्पिटल के डॉक्टर असरार अहमद और डॉ. प्रह्लाद धाकड़ ने कहा-जब इस नन्ही सी जान के पास हॉस्पिटल की नर्सें पीपीई किट पहनकर जाती तो वह डर के मारे रोने लगती थी. उस को तेज बुखार और सांस में काफी परेशानी हो रहीं थी. वह इतनी छोटी थी कि कुछ कह भी नहीं पाती थी. केवल दर्द की वजह से चिल्ला पड़ती थी.उसे देख हमे भी रोना आ जाता था.बच्ची के पास में उसके माता-पिता भर्ती थे. उसका दर्द वह सुन और अहसास कर सकते थे. हम भी कभी-कभी सोचते कि इस मासूम को गोद में उठाकर उसके थपथपा दें. लेकिन क्या करें, चाहकर भी हम ऐसा नहीं कर पाए. बस यही दर्द हमारे स्टाफ को हमेशा रहेगा.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की हालत बिगड़ी, आईसीयू में भर्ती
    Next Article तेलंगाना में 3 जून तक लॉकडाउन बढ़ाए जा सकते , सीएम ने केंद्र को भी दी थी सलाह

    Related Posts

    आसनबनी में जाताल पूजा: अच्छी फसल और समृद्धि की कामना

    June 23, 2026

    14 सूत्री मांगों को लेकर गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स के गेट पर ग्रामीणों का हंगामा

    June 22, 2026

    मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 का आगाज, 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

    June 22, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    आसनबनी में जाताल पूजा: अच्छी फसल और समृद्धि की कामना

    14 सूत्री मांगों को लेकर गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स के गेट पर ग्रामीणों का हंगामा

    मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026 का आगाज, 30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

    गोविंदपुर में भीषण सड़क हादसा: हाइवा की टक्कर से बाइक सवार की मौत, एक गंभीर घायल

    पानी की समस्या: चैनत में आंदोलन, जातिवाद की चुनौती

    NEET UG पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा: 30+ गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: निष्पक्ष जांच की मांग तेज

    काले ने “काया ग्रीन्स” का किया उद्घाटन, ताज़ी सब्ज़ियों और स्वस्थ जीवनशैली को मिलेगा नया आयाम

    एकल व्याख्यान: भारतीय ज्ञान मीमांसा के विविध आयाम

    अंबरनाथ पुलिस मानवीय चेहरा: NEET छात्रा का भविष्य संवारा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.