भोपाल. मध्य प्रदेश में विदेशी पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. केंद्र के आदेश के बाद गृह विभाग ने कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं. साथ ही 125 डेसीबल से ज्यादा आवाज़ के उपयोग पर भी पाबंदी लगाई गई है. आदेश में कलेक्टर्स को कहा गया है कि वह पटाखा बाजार पहुंचकर जांच कराएं. अगर विदेशी पटाखे बिकते मिलें तो बेचने वाला का लाइसेंस रद्द किया जाए.
दिवाली पर पटाखा बाजार पूरी तरह से सज कर तैयार है. इस बीच राज्य सरकार में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया. यदि कोई भी व्यापारी विदेशी पटाखे बेचते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा. आदेश के मुताबिक, किसी भी दुकान पर केवल मेड इन इंडिया पटाखे और आतिशबाजी की सामग्री ही बेची जाएगी.
दरअसल, दिवाली के समय बाजार में चीनी पटाखों की भरमार रहती थी. यह पटाखे पर्यावरण के लिए भी नुकसान दायक होते थे. इनसे ध्वनि और वायु प्रदूषण की संभावना अधिक होती थी. लेकिन अब जब देश में आत्मनिर्भर होने और स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा देने पर जोर है, ऐसे में भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने राज्य सरकारों को विदेशी पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर निर्देश जारी किए थे. जिसको लेकर प्रदेश का गृह मंत्रालय सख्त है और बाजार में विदेशी पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित कर दिया है. इसके लिए गृह सचिव ने सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिया है, जिसमें विदेशी पटाखों की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए है.
आदेश में यह कहा गया…
– पटाखा व्यापारी 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखे पर पाबंदी
– किसी व्यापारी के पास 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखे मिले तो पुलिस और जिला प्रशासन उन दुकान को तत्काल सील करें.
– ब्रांडेड कंपनी के पटाखे ही व्यापारी बेचें.
– पीसीबी पटाखों से हो रहे प्रदूषण की जांच करें.
– गृह विभाग ने चार दिन बाद जारी किया आदेश
बताया जा रहा है कि गृह विभाग का ये आदेश चार दिन पहले निकला था, लेकिन इसे उपचुनाव को देखते जारी नहीं किया गया था. अब मतदान होने के बाद इसे जारी कर दिया गया है. इसके पहले राजस्थान सरकार अपने यहां पर पटाखों पर प्रतिबंध लगा चुकी है, जिसके खिलाफ पटाखा एसोसिएशन और व्यापारी हाईकोर्ट चले गए थे. इस मामले में सुनवाई होनी है.

