Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » इंडिया के लिए गोल्ड मैडल जीतने वाला खिलाड़ी पेट पालने बेच रहा मिट्टी का मटका
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश खेल

    इंडिया के लिए गोल्ड मैडल जीतने वाला खिलाड़ी पेट पालने बेच रहा मिट्टी का मटका

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 27, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    मेरठ. इंटरनेशनल पदक विजेता रवि कुमार को कोरोना काल में मिट्टी के घड़े बेचना पड़ रहा है, लेकिन, उसके हौसले अभी भी बुलंद हैं. वह 2022 में होने वाले एशियन चैंम्पियनशिप मेडल लाने का सपना देख रहा है. जी हां हम बात कर रहे हैं पैराएथलीट चैंपियन रवि कुमार की, जो इन दिनों टीम इंडिया की टी शर्त पहनकर मिट्टी का घड़ा बेचने को मजबूर हैं. वे कहते हैं कि अपना कर्म करते रहना चाहिए, फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए.

    देखने वाले हो जा रहे हैरान

    मेरठ निवासी पैराएथलीट चैंपियन रवि कुमार 50 फीसदी शरीर लकवाग्रस्त है, लेकिन, रवि कुमार ने 2019 में वर्ल्ड पैराएथलीट चैंपिनयनशिप में 65 देशों खिलाडिय़ों को पछाड़ते हुए 100 मीटर रेस में स्वर्ण पदक जीता. मगर, अब कोरोना काल में अपने डाइट का खर्च निकालना भी मुश्किल पड़ रहा था. लिहाजा इसने घड़े बेचना शुरू कर दिया. टीम इंडिया की टीशर्ट और हाथ में मिट्टी का घड़ा देखकर हर कोई हैरान रह जाता है.

    2022 में मेडल लाने का सपना

    रवि कुमार कहते हैं कि हर वक्त एक जैसा नहीं होता. ऊंच-नीच जीवन में लगा रहता है. रवि का कहना है कि 2022 में होने वाले एशियन चैंम्पियनशिप की वह तैयारी कर रहे हैं और देश को मेडल हर हाल में देंगे. हालात चाहे जैसे हो.

    काश, मिल जाती सरकारी मदद

    रवि कुमार ने अब तक पैराएथलीट चैंपयिनशिप में स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर कई पदक जीते हैं. बावजूद उन्हें कोई सरकारी मदद नहीं मिली, लेकिन, इसका उन्हें जरा भी मलाल नहीं है. रवि कुमार का कहना है कि अपना कर्म करते रहना चाहिए, फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबिहार सरकार की किरकिरी से नाराज नीतीश ने प्रधान सचिव को लगाई लताड़
    Next Article रहमान का चौंकाने वाला बयान: बॉलीवुड में पूरा एक गैंग मेरे खिलाफ, काम मिलने में दिक्‍कत

    Related Posts

    ऑपरेशन सिंदूर: शौर्य पर सियासत और जनभावनाएं | राष्ट्र संवाद

    May 9, 2026

    न्याय की कुर्सी पर बैठा इंसान भी टूट सकता है: जज अमन कुमार शर्मा | राष्ट्र संवाद

    May 9, 2026

    प्रिन्स खान गैंग पर बड़ा खुलासा, आरोप-प्रत्यारोप के बीच निष्पक्ष जांच जरूरी

    May 8, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    मेहनत का शोषण: हम मेहनत बेच रहे हैं, आप ‘गुलामी’ खरीद रहे | राष्ट्र संवाद

    पढ़ाई बढ़ी लेकिन स्किल क्यों नहीं? भारत में बढ़ता स्किल गैप | राष्ट्र संवाद

    ऑपरेशन सिंदूर: शौर्य पर सियासत और जनभावनाएं | राष्ट्र संवाद

    न्याय की कुर्सी पर बैठा इंसान भी टूट सकता है: जज अमन कुमार शर्मा | राष्ट्र संवाद

    🕉️🌺 दैनिक पंचांग एवं राशिफल 🙏०९::०५::२०२६ शनिवार

    ‌‌🕉️🌺 दैनिक पंचांग एवं राशिफल 🙏०८::०५::२०२६ शुक्रवार

    केडिया परिवार की शादी समारोह में जुटीं दिग्गज हस्तियां, अर्जुन मुंडा और रघुवर दास ने नवदंपति को दिया आशीर्वाद

    15वें वित्त आयोग की राशि में घोटाले का आरोप, स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण में घटिया कार्य पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से शिकायत

    एडीजे रियलिटी नए और पुराने ग्राहकों के लिए शुरू कर रही विशेष उपहार योजना- जितेंद्र मिश्रा

    जेवियर स्कूल में विद्यार्थी परिषद का हुआ गठन, लक्ष्य बने अध्यक्ष

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.