आगामी 3 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर काफी गहमा-गहमी के बीच नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गयी. इसके साथ ही उम्मीदवारों के द्वारा क्षेत्र में जन संपर्क अभियान भी तेज कर दी गयी है. नामांकन के अंतिम दिन शुक्रवार को लोक जनशक्ति पार्टी के सुरेन्द्र कुमार उर्फ सुरेन्द्र विवेक के द्वारा दूसरे दिन भी दूसरे सेट में नामांकन का पर्चा दाखिल किया गया. जबकि एक निर्दलीय सहित चार उम्मीदवारों ने निर्वाची पदाधिकारी सह एसडीओ डाॅ उत्तम कुमार के समक्ष नामांकन का पर्चा दाखिल किया. जिसमें अंगिका समाज पार्टी के रजौडा़ निवासी अमित कुमार, प्लूरल्स पार्टी के शालीग्रामी निवासी कौशल किशोर सिंह, निर्दलीय मो शहजादुज्जमा उर्फ शैफी के नाम शामिल हैं. नामांकन के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार सुरेंद्र कुमार उर्फ सुरेंद्र विवेक ने बताया कि 35 सालों तक एक ही दल के एवं एक ही परिवार के व्यक्ति का इस विधानसभा क्षेत्र पर कब्जा रहा है. बिहार कैबिनेट में भी लगातार तीन बार मंत्री पद पर रह चुके हैं. बावजूद साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है. स्थिति यह है कि यह विधानसभा क्षेत्र जिले में सबसे पिछड़ा विधानसभा क्षेत्र के रूप में जाना जाता है. जिस पिछड़ेपन को दूर करने के लिए मेरे द्वारा उम्मीदवारी दी गई है. उन्होंने कहा कि दियारा का विकास तो करेंगे ही साथ ही शिक्षा स्वास्थ्य बेरोजगारी आदि मुद्दों पर भी प्रयास जारी रहेगा. अंगिका समाज पार्टी के अमित कुमार ने कहा कि पांच बातों को लेकर उम्मीदवारी की है. जिसमें रोटी, कपडा़, मकान, चिकित्सा एवं शिक्षा मुख्य होगा. खेती को उद्योग का दर्जा एवं छात्रों को रोजगार दिलाना प्राथमिकता होगी. निर्दलीय प्रत्याशी मो शहजादुज्जमा उर्फ शैफी ने कहा कि हम पहले भी गरीबों-पीडि़तों एवं जन सरोकार के मुद्दे पर संघर्ष करते रहे हैं. आगे भी करते रहेगें. नामांकन के दौरान विभिन्न दलों के कार्यकर्ता दिन भर प्रखंड मुख्यायल से प्रखंड मैदान तक जमे रहे. सुरेन्द्र विवेक के अनुमंडल कार्यालय से लौटने पर प्रखंड मैदान के समीप ही सैकडो़ं समर्थकों के द्वारा उन्हें घेर लिया. समर्थकों में अपने उम्मीदवार को माला पहनाने का होड़ मंचा हुआ था. इस दौरान प्रखंड मैदान से पटेल चौक तक समर्थकों का हुजूम था. इस दौरान समर्थक जमकर नारेबाजी भी की. चुनाव आयोग द्वारा कोरोना को लेकर जारी निर्देश का उम्मीदवारों के समर्थकों में कोइ असर नहीं दिख रहा था.

