Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अमेरिका की कवयित्री लुईस गल्क को दिया जायेगा इस वर्ष साहित्य का नोबेल पुरस्कार
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    अमेरिका की कवयित्री लुईस गल्क को दिया जायेगा इस वर्ष साहित्य का नोबेल पुरस्कार

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 9, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. साल 2020 के साहित्य के नोबल प्राइज की घोषणा हो गई है. अमेरिका कवयित्री लुईस गल्क को इस साल साहित्य के नोबल पुरस्कार से नवाजा गया है.

    पुरस्कार की घोषणा करते हुए स्वीडिश अकादमी ने ट्वीट किया है कि साल 2020 के साहित्य का नोबल प्राइज अमेरिकी साहित्यकार लुईस गल्क को व्यक्तिगत अस्तित्व को आवाज देती कविता के लिए दिया जा रहा है. बता दें कि लुईस बेहद सम्मानित साहित्यकार हैं. वो सामाजिक मुद्दों पर भी काफी सक्रिय रहती हैं.

    इससे पहले आनुवंशिक रोगों और यहां तक कि कैंसर के उपचार में भविष्य में मददगार साबित होने वाली जीनोम एडिटिंग की एक पद्धति विकसित करने के लिये रसायन विज्ञान के क्षेत्र में 2020 का नोबेल पुरस्कार दो महिला वैज्ञानिकों को देने की बुधवार को घोषणा की गई थी.

    स्टॉकहोम में स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार इमैनुएल शापेंतिये और जेनिफर ए. डॉना को देने की घोषणा की. यह पहला मौका है जब रसायन विज्ञान के क्षेत्र में दो महिलाओं को एक साथ इस पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है.

    फ्रांसीसी वैज्ञानिक शापेंतिये और अमेरिकी वैज्ञानिक जेनिफर ने सीआरआईएसपीआर/सीएएस9 (क्रिस्पर/कास) नाम की एक पद्धति विकसित की, जिसका इस्तेमाल जंतुओं, पौधों और सूक्ष्म जीवों के डीएनए को अत्यधिक सूक्ष्मता से बदलने में किया जा सकता है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleगुजरात सरकार ने कोरोना जांच के लिये प्राईवेट लैब्स को दी रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट की अनुमति
    Next Article फोर्ब्स इंडिया की सूची में लगातार 13वें साल मुकेश अंबानी बने नंबर वन, अडानी दूसरे नंबर पर

    Related Posts

    ठाणे में दर्दनाक हादसा: टैंकर ने कुचला, मौके पर मौत

    June 6, 2026

    खान सर फायरिंग प्रकरण में जांच तेज, गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार

    June 5, 2026

    जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस अलर्ट

    June 5, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    उथल-पुथल में पश्चिम बंगाल की राजनीति: टीएमसी की चुनौतियां

    झारखंड: प्रणव झा की राज्यसभा उम्मीदवारी और कांग्रेस का संदेश

    ठाणे में दर्दनाक हादसा: टैंकर ने कुचला, मौके पर मौत

    भारत में कोचिंग उद्योग: शिक्षा के बाजारीकरण का नया चेहरा

    खान सर फायरिंग प्रकरण में जांच तेज, गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार

    जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस अलर्ट

    विश्व पर्यावरण दिवस पर बागडेहरी थाना परिसर में किया गया वृक्षारोपण

    प्री-एसआईआर गतिविधि के तहत निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण

    रामगढ़ में एसबीआई बैंक में चोरी के अलर्ट से मचा हड़कंप, जांच में निकला तकनीकी कारण

    विश्व पर्यावरण दिवस पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान, हजारों पौधे लगाने का संकल्प

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.