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    कानपुर हिंसा में खुलासा : पत्थरबाजों के लिए 1 हजार रुपए, बम-गोली चलाने वालों के लिए 5 हजार रेट था तय

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 13, 2022No Comments2 Mins Read
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    कानपुर: कानपुर में 3 जून को हुई हिंसा मामले में कोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें यह बात सामने आई है कि उपद्रवियों की ओर से पत्थरबाजी से लेकर बमबाजी तक के रेट निर्धारित किए गए थे. दरअसल, एसआईटी की केस डायरी में इस बात का जिक्र है कि कानपुर में हुई हिंसा को लेकर पूरी प्लानिंग हुई थी, जिसमें फाइनेंस से लेकर हर व्यक्ति की अलग-अलग जिम्मेदारी तय की गई थी. इतना ही नहीं, उपद्रव करने वाले को किस तरह से रकम देनी है और उन्हें कैसे काम करना है और उसके लिए कितने पैसे मिलेंगे, बकायदा इसका रेट तय किया गया था.

    प्लानिंग ऐसी थी कि उपद्रव के बाद पकड़े जाने पर उपद्रिवयों के लिए मदद का पूरा आश्वासन दिया गया था. हिंसा के दौरान अपराधियों के पकड़े जाने पर उन्हें निशुल्क कानूनी मदद और परिवार को आर्थिक मदद का भी भरोसा दिलाया गया था. इस काम के लिए बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा और हाजी वशी के द्वारा नियुक्त किए गए जिम्मेदार लोगों ने उपद्रवियों को आश्वासन दिया था.

    हिंसा कराने के लिए हाजी वशी के मैनेजर अफजाल ने पूरी टीम तैयार की थी और उपद्रवियों को 10 लाख रुपए एडवांस के तौर पर भी दिए थे. उपद्रव के दौरान पथराव करने वाले व बम चलाने वालों के लिए अलग-अलग रेट निर्धारित किए गए थे. इसका खुलासा भी हुआ है. उपद्रव करने का खाका कुछ इस तरह से तैयार किया गया था कि हयात जफर हाशमी और निजाम कुरैशी को बंदी सफल कराने के निर्देश दिए गए थे, तो वहीं मुख्तार बाबा, उसका बेटा महमूद, हाजी वशी और मैनेजर अफजाल पूरा मैनेजमेंट संभाल रहे थे और हिंसा को कराने के लिए पूरी तैयारियों का जिम्मा लिए थे.

    एसआईटी की केस डायरी में इस बात का भी दावा किया गया है कि कानपुर हिंसा के दौरान पत्थर चलाने वाले पत्थरबाजों के लिए 1 हजार रुपए का रेट तय किया गया था, तो वहीं ठेले पर पत्थर भरकर लाने वालों और गोली-बम चलाने वालों के लिए 5 हजार रुपए का रेट निर्धारित किया गया था. इसके अलावा, भीड़ को बढ़ाने के लिए युवाओं के साथ-साथ हिंसा में नाबालिगों को भी शामिल किया गया था. नाबालिगों को केवल हिंसा में आगे रखने और पथराव करने के लिए रखा गया था.

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