पविया में समावेशी शिक्षा पर कार्यशाला, दिव्यांग बच्चों के लिए संवेदनशील शिक्षण पर जोर
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा: पविया में प्राथमिक, मध्य एवं उच्च विद्यालयों के शिक्षकों के लिए समावेशी शिक्षा पर आधारित एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को दिव्यांग बच्चों की पहचान, उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रभावी तरीकों से अवगत कराना था।
कार्यशाला में बताया गया कि समावेशी शिक्षा का मतलब केवल दिव्यांग बच्चों को स्कूल तक लाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा अनुकूल वातावरण देना है, जहां वे बिना भेदभाव के सहज रूप से सीख सकें। शिक्षकों को अपनी शिक्षण पद्धतियों में लचीलापन लाकर सभी बच्चों को समान अवसर देने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों को समझने, स्तरानुसार शिक्षण सामग्री के चयन तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही सकारात्मक व्यवहार और संवेदनशील दृष्टिकोण से दिव्यांग बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने की बात कही गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रखंड स्तर पर स्थापित रिसोर्स केंद्रों के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को शैक्षणिक सहयोग और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों ने उनकी समस्याओं के समाधान बताए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

