टाटा पावर गेट पर मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन, 12 फरवरी को चक्का जाम की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर।टाटा पावर मजदूर यूनियन के बैनर तले बुधवार को टाटा पावर के मुख्य गेट पर मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन टाटा पावर में कार्यरत ठेका प्रबंधन द्वारा मजदूरों के शोषण, श्रम कानूनों का पालन न करने और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी के खिलाफ किया गया।
मजदूरों का आरोप है कि ठेका प्रबंधन द्वारा उन्हें नियमित रूप से पे-स्लिप नहीं दी जाती, ओवरटाइम का डबल भुगतान नहीं किया जाता और कैंटीन के भोजन की खराब गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर ठेकेदार मजदूरों को ट्रांसफर या काम से हटाने की धमकी दे रहा है। हाल ही में दो मजदूरों को साकची पावर हाउस ट्रांसफर कर दिया गया है, जिससे आक्रोश और बढ़ गया है।
यह आंदोलन एटक के कोल्हान प्रमंडल महासचिव कॉमरेड अंबुज ठाकुर के नेतृत्व में मजदूरों के हक की लड़ाई के लिए शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि आंदोलन की सूचना पूर्व में ही उपायुक्त, डीएलसी और एसडीओ को दे दी गई थी। कॉमरेड अंबुज ठाकुर ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती आई है और टाटा पावर के मजदूरों की इस लड़ाई में भी पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने टाटा पावर प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूरों की जायज मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पार्टी टाटा पावर में चक्का जाम को अपना पूरा समर्थन देगी।
इस मौके पर एटक के राज्य सचिव कॉमरेड अशोक यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने मजदूरों की लड़ाई में एटक का पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया और कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां ही मजदूरों की इस दुर्दशा के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि टाटा पावर प्रबंधन ने मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो पूरे जिले में एटक की ओर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने 12 तारीख को श्रम कानूनों के खिलाफ प्रस्तावित हड़ताल में टाटा पावर सहित जमशेदपुर की अन्य संस्थाओं के मजदूरों से शामिल होने का आह्वान किया।
झारखंड मजदूर यूनियन की उपाध्यक्ष पिंकी सिंह ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि झारखंड में मजदूरों का शोषण अबुआ सरकार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं जेएमएम के प्रतिनिधि नवमी सिंह ने मजदूरों के हक की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने का भरोसा दिलाया।
सभी मजदूर नेताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि 11 फरवरी तक मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और मांगें नहीं मानी गईं, तो 12 फरवरी को टाटा पावर का चक्का जाम किया जाएगा।

