राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से पोटका प्रखंड के पालीडीह गांव में डायन प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में साहियाओं और ग्रामीणों को अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया गया।
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने कहा कि डायन प्रथा एक सामाजिक कलंक है, जो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के उत्पीड़न का कारण बनती है। उन्होंने लोगों से अंधविश्वास छोड़कर वैज्ञानिक सोच अपनाने की अपील की।
एमपीडब्ल्यू उपेंद्र नाथ मोदिना ने बताया कि झारखंड में डायन प्रथा रोकने के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं, लेकिन इसे खत्म करने के लिए समाज में जागरूकता बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम, सहिया साथी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

