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    Home » झारखंड भाजपा में कौन बनेगा “शुभेंदु अधिकारी”?
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    झारखंड भाजपा में कौन बनेगा “शुभेंदु अधिकारी”?

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarMay 13, 2026Updated:May 13, 2026No Comments2 Mins Read
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    झारखंड भाजपा में कौन बनेगा “शुभेंदु अधिकारी”?

    देवानंद सिंह

    झारखंड भाजपा आज नेताओं की कमी से नहीं, बल्कि नेतृत्व के बिखराव और गुटबाजी से जूझ रही है। पार्टी में बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपाई सोरेन जैसे कई पूर्व मुख्यमंत्री मौजूद हैं, लेकिन संगठन में एकजुटता की कमी साफ दिखाई देती है। सवाल यह है कि इतने बड़े बड़े नेताओं के रहते भी भाजपा झारखंड में मजबूत विपक्ष की भूमिका क्यों नहीं निभा पा रही है।

    विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं के बीच तालमेल का अभाव खुलकर सामने आया। इसका सीधा लाभ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन की रणनीति को मिला। आज भी भाजपा प्रदेश संगठन कई खेमों में बंटा नजर आता है। प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक यह स्पष्ट नहीं कि कौन किसके साथ खड़ा है।

    झारखंड की राजनीति अब “थार और रोलेक्स” “एसी होटल” वाली चमक-दमक नहीं, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” नेतृत्व चाहती है। जनता ऐसा नेता चाहती है जो जमीन से जुड़ा हो, कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहे और सत्ता पक्ष को आक्रामक तरीके से चुनौती दे सके। पश्चिम बंगाल में जिस तरह शुभेंदु अधिकारी विपक्ष का मजबूत चेहरा बनकर उभरे, वैसे नेतृत्व की तलाश अब झारखंड भाजपा में भी महसूस की जा रही है।

    संगठन की हालत यह हो चुकी है कि योग्यता से ज्यादा महत्व “नियमित अभिवादन” को मिलने लगा है। कुछ लोग दिन में कई बार प्रणाम कर पद हासिल कर रहे हैं, जबकि जमीनी कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। यदि भाजपा समय रहते नहीं चेती, तो आने वाले दिनों में झारखंड में उसकी विपक्ष की भूमिका भी कमजोर पड़ सकती है।

    झारखंड भाजपा में कौन बनेगा “शुभेंदु अधिकारी”?
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