मेराज आलम की रिपोर्ट
बरौनी ,बेगूसराय :परंपरागत तौर तरीकों और तहजीबों के समर्थकों का कहना है कि किशोरियों को पाश्चात्य पहनावों से दूर रखा जाना चाहिए. क्योंकि भड़काऊ पहनावे मर्दों के मन मस्तिष्क पर कामुकता व कामोत्तेजक प्रवाह छोड़ता है. पर क्या विगत दिनों की घटना किसी भड़काऊ पहनावे का परिणाम था? न ही दोनों विषमलिंगी थे और न ही पीड़ित किशोर अथवा आरोपी वार्ड पार्षद लेस्बियन पीड़ित थे, तो फिर इतनी शर्मशार घटना का घटित होने के पीछे किसी मानसिक मनः स्थिति का परिणाम था अथवा उस व्यक्ति की शारीरिक भौतिक सुख छुपा था जो आव देखा न ताव और महज एक किशोर को अपना शिकार बना डाला. मामला तुल तब पकड़ा जब पीड़ित किशोर के समर्थन में स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर घंटों बारो तीन मुहानी चौक को जाम कर वार्ड पार्षद के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद किया और प्रदर्शन करने लगे. जिसके तत्पश्चात किशोर की मां ने संदर्भित तथ्यों को आवेदन में लिखकर इसकी शिकायत स्थानीय फुलवड़िया थाना पुलिस से की है. बारो शाहनगर वार्ड संख्या 29 निवासी शिकायतकर्ती ने आवेदन में कहा है कि, 12 वर्षीय मेरा पुत्र पड़ोस में ही विवाह का भोज खाने गया था और भोज खाकर पंचायत भवन में सो गया था, तब मैं और मेरे पति 21 अगस्त, 2023 सुबह चार बजे खोजने निकला. जब वार्ड संख्या 29 स्थित पंचायत भवन बारो के पास पहुंचा तो हम लोग ने देखा कि मोहम्मद इबरार आलम उर्फ लल्लू ग्राम साकिन नया टोला बारो, वार्ड संख्या 25 मेरे नाबालिक पुत्र के ऊपर चढ़ा हुआ है. जब हम दोनों पति पत्नी को देखा तो पैंट पहनकर भाग निकला और मेरा पुत्र का पैंट खुला हुआ ही नहीं बल्कि गंभीर हालत में था. हल्ला होने पर आसपास के लोग आए. सभी लोग कहने लगे की पहले आप अपने बेटे को डॉक्टर के पास ले जाएं. तब हमलोग अपने बेटे को डॉक्टर के पास ले गए. जहां पर मेरे बेटे का इलाज चल रहा है. तब सभी ग्रामीण मिलकर पंचायत रखा. किंतु, पंचायत में मोहम्मद इबरार उर्फ लल्लू नहीं आया. तब पंचायत के लोगों ने कहा कि तुम थाना में केस कर दो. अभी वर्तमान में मोहम्मद इबरार उर्फ लल्लू नगर परिषद बरौनी क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 29 का वार्ड पार्षद भी है. आवेदिका के उक्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए फुलवड़िया थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने कांड संख्या 120/23 दर्ज कर ली है. इधर उक्त कुकृत्य को लेकर लोगों में जितनी मुंह उतनी बातें की जा रही है. एक ओर लोगों का कहना है कि समाजसेवी ढोंगी वार्ड पार्षद जो ना केवल वार्ड पर्षद के पद को धूमिल किया अपितु पूरे पुरुष समाज के चारीतित्रिक स्वरूप पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव डाला है. समाज में जब एक किशोर के साथ ये वारदात हो सकती है तो फिर एक किशोरी की रक्षा आनेवाले समय में किस प्रकार की जायेगी और किससे की जायेगी यह न केवल गंभीर सामाजिक मुद्दा है अपितु बच्चों के परवरिश की दिशा में निर्णायक कदम उठा पाने और भविष्य को संवारने के मद्देनजर बेहद ही चिंतनीय विषय है. जब किसी समाज में किसी मर्द की भौतिक शारीरिक सुख की आड़ में मानसिक विकृति आ जाए तो वह समाज की संतुलन को बिगाड़ता है जो ना केवल समाज के लिए खतरा पैदा करता है मसलन सभ्य समाज को दूषित व त्रस्त में अहम भूमिका निभाता है. वहीं कुछ लोग इस आरोप को बिल्कुल निराधार, मनगढ़ंत व राजनीति द्वेष बता रहे हैं तो वहीं दबी जुबां से कई नगरवासियों का कहना है कि यदि उक्त घटना सत्य है तो इससे साफ जाहिर होता है कि उक्त वार्ड पार्षद के कृति कहीं ना कहीं महिलाएं व बेटियां ही नहीं किशोर और दुर्बल, कमजोर, असहाय लोगों की प्रताड़ना में अपनी गलत इरादों को पोषित कर समाज के सभ्य वातावरण को दूषित कर रहा था. इसलिए लोगों की माने तो ऐसे लोगों पर तत्काल त्वरित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही घटना में सत्यता है तो पद का गलत दुरुपयोग करने को लेकर उसे पद से मुक्त कर देना चाहिए.इधर
थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि
लिखित शिकायत मिलने के पश्चात मामले संगीन होने की वजह से गंभीरता से लेते हुए कांड संख्या 120/23 दर्ज कर ली गई है. बिंदुबार तरीके से पुलिस द्वारा गहन तफ्तीश जारी है.

