Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण में आया नया मोड़, मस्जिद कमेटी के खिलाफ थाने में की गई शिकायत
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश

    ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण में आया नया मोड़, मस्जिद कमेटी के खिलाफ थाने में की गई शिकायत

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 27, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    वाराणसी. ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण में नया मोड़ आया है, विश्व वैदिक सनातन संघ के जितेंद्र सिंह बिसेन ने गुरुवार की देर शाम अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के खिलाफ चौक थाने में उपासना स्थल अधिनियम 1991 की धारा-3 के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करायी है. उन्होंने अधिनियम की धारा-6 के तहत कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने एक पत्र डाक द्वारा थाना चौक और डीसीपी काशी को भेजा है.विश्व वैदिक सनातन संघ से अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की घेराबंदी करने में जुटा है. श्रृंगार गोरी मामले में अदालत में 6 याचिका देने के बाद अब चौक थाने में शिकायत पत्र भेज कर एफआईआर करने की मांग की गई है. जितेंद्र सिंह बिसेन ने 7 बिंदुओं पर शिकायत पत्र इंस्पेक्टर चौक के नाम भेजा है.
    विश्व वैदिक सनातन संघ ने उपासना स्थल अधिनियम 1991 की धारा 3 का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर हटाने के लिए मुगल बादशाहों ने उसे तोडऩे की कोशिश की. बाद में बचे हिस्से पर बनी पेंटिंग पर चुना कर मंदिर की पहचान को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है. यह मस्जिद अंजुमन इंतजामियां मसाजिद के प्रबंधन में है, लिहाजा इनके खिलाफ धारा-6 के तहत कार्रवाई की जाए.

    विश्व वैदिक सनातन संघ ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर के प्लाट नंबर 9130 में लाखों वर्षों से आदि विशेश्वर का मंदिर है. मुगल आक्रांताओं ने काशी विश्वेश्वर मंदिर के ढांचे को ध्वस्त करने का प्रयास किया. मगर उनका प्रयास निरथक साबित हुआ और मंदिर की सरचना बची रह गई. काशी विश्वनाथ एक्ट 1983 हिंदुओं को ज्ञानवापी परिसर में मौजूद भगवान आदि विशेश्वर विराजमान और उसके पांच कोस के क्षेत्र के मंदिरों के अन्य देवी-देवताओं की पूजा का अधिकार देता है.
    अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और उसके फॉलोअर्स द्वारा काशी विशेश्वर मंदिर के ढांचे को नुकसान पहुंचाने का कृत्य प्लेसेज ऑफ वर्शिप 1991 के साथ ही अन्य कानूनों के तहत दंडनीय है. इसलिए उचित कार्रवाई करते हुए मंदिर के ढांचे को नुकसान पहुंचाने से रोका जाए.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहिंदी की लेखिका गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘रेत समाधि’ को मिला बुकर पुरस्कार
    Next Article कांग्रेस में सियासी संकट के साथ अब पैसों की भी किल्लत, घर-घर जाकर दान मांगने की तैयारी

    Related Posts

    पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, कई घायल, तीन की हालत गंभीर

    September 20, 2026

    ममता बनर्जी का राजनीतिक संकट: चुनावी हार, पार्टी में बगावत और कानूनी शिकंजे का विश्लेषण

    September 20, 2026

    सरदार त्रिलोचन सिंह (पम्मी पाजी) को श्रद्धांजलि देने पहुंचे बाबूलाल मरांडी, कर्मवीर सिंह समेत कई दिग्गज

    September 19, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, कई घायल, तीन की हालत गंभीर

    ममता बनर्जी का राजनीतिक संकट: चुनावी हार, पार्टी में बगावत और कानूनी शिकंजे का विश्लेषण

    सरदार त्रिलोचन सिंह (पम्मी पाजी) को श्रद्धांजलि देने पहुंचे बाबूलाल मरांडी, कर्मवीर सिंह समेत कई दिग्गज

    आईआईटी बॉम्बे के एक छात्र की मौत: परीक्षा में ChatGPT का इस्तेमाल और फिर होस्टल रूम में मिला शव

    पालघर क्राइम: इंस्टाग्राम पर ‘भौकाल’ दिखाने चला था चोर, पुलिस ने बाइक समेत दबोचा

    नंदीग्राम से निकली सियासी आवाज, क्या राहुल के साथ आएंगी ममता?

    ब्रिटिश संघ के विघटन की ओर? कार्डिफ समझौते ने खड़े किए सवाल

    सारदा विश्वविद्यालय की शोधार्थी आकांक्षा शर्मा ने प्राप्त की डॉक्टरेट डिग्री: इंदिरा गोस्वामी की साहित्यिक कृतियों पर किया व्यापक शोध

    पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, कई घायल, तीन की हालत गंभीर

    सोनारी विश्वकर्मा पूजा पंडाल पहुंचे समाजसेवी राजकुमार सिंह, पूजा समिति का बढ़ाया उत्साह

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.