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    पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, कई घायल, तीन की हालत गंभीर

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 20, 2026No Comments4 Mins Read
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    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर के औद्योगिक नगरी में शनिवार की शाम उस वक्त तनाव व्याप्त हो गया जब पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया। एमजीएम थाना क्षेत्र के तुरियाबेड़ा स्थित नेपाली बस्ती में हुए इस हिंसक टकराव ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और दोनों पक्षों की ओर से जमकर लाठी-डंडे चलने लगे। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों को जान बचाकर भागना पड़ा। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक विवाद की जड़ें शुक्रवार को निकले विसर्जन जुलूस के दौरान पड़ी थीं, जब नाचने-गाने को लेकर हुई मामूली कहासुनी ने शनिवार को बड़े संघर्ष का रूप ले लिया। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, भारी संख्या में बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया, लेकिन तब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।

    पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष: घटना का पूरा ब्यौरा

    जमशेदपुर: एमजीएम थाना क्षेत्र के तुरियाबेड़ा स्थित नेपाली बस्ती में शनिवार देर शाम पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    घटना की सूचना मिलते ही एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) रेफर कर दिया गया। इनमें शंकोसाई रोड नंबर-1 निवासी राहुल कर, उसका साथी धीरज कुमार तथा दूसरे पक्ष का मुन्ना थापा शामिल हैं। बताया जा रहा है कि राहुल कर और धीरज कुमार की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

    मारपीट में घायल अन्य लोगों में भोतू, छोटू रजक और विशेश्वर के नाम भी शामिल हैं। घटना के बाद कुछ समय तक बस्ती में तनाव और भय का माहौल बना रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद की शुरुआत शुक्रवार को नेपाली बस्ती में निकाले गए विसर्जन जुलूस के दौरान हुई थी। जुलूस में नाचने को लेकर बस्ती के ही सुशील नामक युवक और कुछ लोगों के बीच कहासुनी एवं झड़प हो गई थी। हालांकि उस समय स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था।

    बताया जा रहा है कि शनिवार शाम सुशील अपने आठ-दस साथियों के साथ दोबारा बस्ती पहुंचा। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।

    पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच

    एमजीएम थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। झारखंड पुलिस की टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

    घायलों की सूची

    • राहुल कर (शंकोसाई रोड नंबर-1) – गंभीर
    • धीरज कुमार – गंभीर
    • मुन्ना थापा – गंभीर
    • भोतू – सामान्य
    • छोटू रजक – सामान्य
    • विशेश्वर – सामान्य

    इस घटना ने एक बार फिर शहरी बस्तियों में छोटे-छोटे विवादों के बड़े हिंसक रूप लेने के खतरे को उजागर किया है। नेपाली बस्ती में शुक्रवार को विसर्जन जुलूस के दौरान हुई मामूली झड़प को यदि समय रहते गंभीरता से लिया गया होता तो शनिवार को खूनी संघर्ष की नौबत शायद नहीं आती। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की गश्त बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक स्तर पर विवाद निपटारे की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। फिलहाल घायलों का इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल और एमजीएम अस्पताल में चल रहा है, जहां चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इलाके में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

    अपराध खूनी संघर्ष नेपाली बस्ती
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