Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » UNDP की रिपोर्ट: ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में 132वें स्थान पर खिसका भारत
    Breaking News Headlines

    UNDP की रिपोर्ट: ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में 132वें स्थान पर खिसका भारत

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 9, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम की ओर से जारी एक रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि साल 2021 के ‘ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स’ में भारत 191 देशों में 132वें पायदान पर खिसक गया है. भारत का 0.6333 का एचडीआई मान देश को मध्यम मानव विकास श्रेणी में रखता है, जो 2020 की रिपोर्ट में इसके 0.645 के मान से कम है. साल 2020 के ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स में भारत 189 देशों में 131वें स्थान पर था.

     

    रिपोर्ट में कहा गया है, ‘वैश्विक रुझानों की तरह, भारत के मामले में भी 2019 में एचडीआई मान 0.645 था, जो 2021 में 0.633 तक आ गया. इसके लिए जीवन प्रत्याशा में गिरावट को (69.7 से घटकर 67.2 वर्ष तक) जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. भारत में स्कूली शिक्षा का अपेक्षित वर्ष 11.9 वर्ष और स्कूली शिक्षा का औसत वर्ष 6.7 साल है.’ किसी देश के स्वास्थ्य, शिक्षा और औसत आय को मापने के पैमाने की दृष्टि से मानव विकास में लगातार दो साल- 2020 और 2021 में गिरावट दर्ज की गई है. जबकि इससे पहले पांच साल काफी विकास हुआ था.

     

    रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कोई भारत की इकलौती स्थिति नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर गिरावट के अनुरूप है, जो दर्शाता है कि 32 सालों में पहली बार दुनिया भर में मानव विकास ठहर सा गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव विकास सूचकांक की हालिया गिरावट में एक बड़ा योगदान जीवन प्रत्याशा में वैश्विक गिरावट का है, जो 2019 के 72.8 साल से घटकर 2021 में 71.4 साल हो गई है.

     

    यूएनडीपी के प्रशासक अचिम स्टेनर ने कहा, ‘संकट-दर-संकट से उबरने के लिए दुनिया हाथ पांव मार रही है. अनिश्चितता से भरी इस दुनिया में, हमें आम चुनौतियों से निपटने के लिए परस्पर वैश्विक एकजुटता की एक नई भावना की जरूरत है.’ स्टीनर ने कहा कि एक दूसरे से जुड़े अंतर्निहित संकटों ने भारत के विकास पथ को वैसे ही प्रभावित किया है जैसे दुनिया के अधिकांश हिस्सों में प्रभावित हुआ है.

     

    एचडीआई मानव विकास के तीन प्रमुख आयामों की प्रगति को मापता है- एक लंबा और स्वस्थ जीवन, शिक्षा तक पहुंच और एक सभ्य जीवन स्तर. इसकी गणना चार संकेतकों – जन्म के समय जीवन प्रत्याशा, स्कूली शिक्षा के औसत वर्ष, स्कूली शिक्षा के अपेक्षित वर्ष और प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) के माध्यम से की जाती है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबिजली बिल के नाम पर धोखाधड़ी: 22 शहरों से 65 जालसाजों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
    Next Article हेडलाइंस राष्ट्र संवाद

    Related Posts

    सिदगोड़ा में पुलिस कार्रवाई के दौरान हंगामा, युवक घायल होने पर लोगों ने घेरा पुलिस वाहन

    June 21, 2026

    डालसा का न्याय रथ पहुंचा बहरागोड़ा, कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित

    June 20, 2026

    गोलमुरी क्लब में साप्ताहिक योग शिविर का समापन, 75 साधकों ने लिया योग और ध्यान का लाभ

    June 20, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    सिदगोड़ा में पुलिस कार्रवाई के दौरान हंगामा, युवक घायल होने पर लोगों ने घेरा पुलिस वाहन

    गंगा का महत्व: जीवन, मोक्ष और पर्यावरण की पुकार

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग

    विश्व संगीत दिवस: शांति और संवेदना का वैश्विक उत्सव

    राम मंदिर चढ़ावे विवाद: आस्था पर सवाल, साख दांव पर

    डालसा का न्याय रथ पहुंचा बहरागोड़ा, कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित

    गोलमुरी क्लब में साप्ताहिक योग शिविर का समापन, 75 साधकों ने लिया योग और ध्यान का लाभ

    राजनीति शास्त्र की छात्राओं ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का फील्ड विजिट

    पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह में बोले राज्यपाल, ‘विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति’

    बाल विवाह के खिलाफ युवा का जिला स्तरीय कार्यशाला शिक्षकों को बच्चों के अधिकार के प्रति जागरूक किया गया

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.