विपक्ष के दबाव में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अगले मंगलवार को 16 घंटे की चर्चा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नई दिल्ली, 23 जुलाई। संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के दबाव के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अगले मंगलवार को 16 घंटे लंबी चर्चा तय हुई है। यह निर्णय विपक्षी दलों की उस मांग पर लिया गया है, जिसमें हर सप्ताह एक अहम विषय पर चर्चा कराने की बात कही गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुपस्थिति के कारण मंगलवार को पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा नहीं हो सकी, जिससे विपक्ष ने नाराजगी जताई। उन्होंने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक बार-बार रद्द किए जाने को अस्वीकार्य बताया।
*INDIA गठबंधन की सख्ती*
विपक्षी गठबंधन INDIA ने प्रधानमंत्री की सदन में अनिवार्य उपस्थिति की मांग की है ताकि वह ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम हमला, ट्रंप के मध्यस्थता बयान और बिहार में मतदाता सूची से नाम हटाने जैसे मुद्दों पर जवाब दें। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, टीआर बालू और रामगोपाल यादव सहित तमाम विपक्षी नेता इस मांग पर एकजुट नजर आए।

*मानसून सत्र में अब तक तीन दिन हंगामेदार*
सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष ने पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हंगामा किया। खासकर बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने संसद के अंदर और बाहर तीव्र विरोध दर्ज कराया।
आज निर्वतमान सांसदों को विदाई!
सदन की अगली बैठक गुरुवार को होगी, जिसमें निवर्तमान सांसदों को औपचारिक विदाई दी जाएगी। विपक्ष ने उपराष्ट्रपति व राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ को भी विदाई देने की मांग की, परंतु सत्ता पक्ष ने इस पर सहमति नहीं दी।

बहरहाल संसद में सियासी तापमान लगातार चढ़ रहा है—अब सबकी निगाहें मंगलवार की ऐतिहासिक बहस और प्रधानमंत्री की संभावित उपस्थिति पर टिकी हैं


