यूसीएल में तबादलों से मचा बवाल, परचेज विभाग पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा।यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीएल) के सीएमडी द्वारा एक साथ 18 अधिकारियों का तबादला किए जाने के बाद संगठन में हलचल मच गई है। अधिकांश अधिकारियों ने अपने-अपने पदभार संभाल लिया है, लेकिन जादूगोड़ा परचेज विभाग के एचओडी एस.के. बर्मन ने मां और भगिनी की बीमारी का हवाला देते हुए तबादले पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बावजूद सीएमडी के दबाव में तकनीकी निदेशक मनोज कुमार ने उन्हें जादूगोड़ा से रिलीज कर तूमलापल्ली भेज दिया।

एस.के. बर्मन, जिन्हें मात्र दो माह पूर्व ही तूमलापल्ली स्थानांतरित किया गया था, कार्यकुशल और तेजतर्रार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। परचेज विभाग से उनके हटने से विभाग की कार्यशैली पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इसी बीच, सल्फ्यूरिक एसिड के 10 करोड़ रुपये के घोटाले में आरोपी रह चुके यूसीएल के स्टोर विभाग के अधिकारी सुदीप्तो दास को परचेज विभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। दास पर परचेज विभाग में रहते हुए ही घोटाले का आरोप लगा था, जिस पर केंद्रीय सतर्कता आयोग की कार्रवाई भी हो चुकी है।

संपदा विभाग के अधिकारी प्रवास रंजन को भी रिलीज किए जाने की सूचना है। उनका भी दो माह पहले ही तूमलापल्ली तबादला हुआ था, लेकिन वे अब तक कार्यस्थल नहीं बदले थे।

यूसीएल प्रबंधन का कहना है कि संगठन में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। कई अधिकारी पिछले 20 वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पीए सुरोजित दास, मैकेनिक विभाग के एसके सिंह, संपदा विभाग के दिलीप कुमार मंडल और लेखा विभाग के कुछ अधिकारियों पर भी गाज गिरने की तैयारी है।

वर्तमान सीएमडी डॉ. संतोष कुमार सतपति जहां महिला उत्पीड़न के मामले से घिरे हुए हैं, वहीं कई अधिकारियों पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हुए हैं। अब नए सीएमडी डॉ. आनंद कचम राव के लिए यूसीएल की छवि को स्वच्छ बनाना, नए प्रोजेक्ट लाना, भ्रष्टाचारियों को हटाना और उत्पादन में वृद्धि करना एक बड़ी चुनौती होगी। संगठन से जुड़े लोग उनके कदमों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे यूसीएल का भविष्य सुरक्षित और पारदर्शी बन सके।


